28 May 2026 Daily Current Affairs in Hindi | The GK Library

Economy Current Affairs

RBI Record Surplus Transfer 2025-26 Economy Current Affairs for UPSC and Banking

RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को रिकॉर्ड सरप्लस ट्रांसफर को मंजूरी दी

नमस्कार दोस्तों, Economy Current Affairs की दुनिया से आज एक अत्यंत महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India – RBI) ने केंद्र सरकार को अब तक का सबसे बड़ा सरप्लस ट्रांसफर (Surplus Transfer) यानी लाभांश प्रदान करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।

आसान शब्दों में कहें तो आरबीआई ने इस वर्ष जो भारी मुनाफा कमाया है, उसका एक रिकॉर्ड हिस्सा वह सरकार को सौंप रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए लिया गया यह महत्वपूर्ण निर्णय देश की समग्र आर्थिक सेहत के लिए बहुत मददगार साबित होगा।

यह कदम देश की राजकोषीय स्थिति (Fiscal Position) को सुदृढ़ करने और बजटीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रण में रखने में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।

यदि आप UPSC या बैंकिंग एग्जाम्स की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि इस फैसले का हमारी मार्केट लिक्विडिटी (तरलता), फॉरेक्स रिजर्व (Forex Reserve) के मैनेजमेंट और मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) पर क्या असर पड़ेगा। आइए इसे आसान भाषा में गहराई से समझते हैं।

मुख्य बातें (Key Highlights)

  • यह सरप्लस ट्रांसफर बाजार की उम्मीद से कहीं ज़्यादा है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि आरबीआई ने अपनी विदेशी संपत्तियों (Foreign Assets) पर इस साल बेहतरीन ब्याज अर्जित किया है।
  • सबसे अच्छी बात यह है कि आरबीआई ने सारा पैसा सरकार को नहीं दिया; बैंक ने अपने पास ‘इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क’ (Economic Capital Framework – ECF) के तहत जरूरी रिस्क बफर को पूरी तरह सुरक्षित रखा है।
  • इस प्राप्त धनराशि से सरकार को अपना केंद्रीय बजट संभालने में बड़ी मदद मिलेगी, जिससे वह इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (Infrastructure) और आम जनता की कल्याणकारी योजनाओं पर ज़्यादा खुलकर खर्च कर पाएगी।

आर्थिक पूंजी ढांचा और विमल जालान समिति (Economic Capital Framework & Bimal Jalan Committee)

अब सवाल यह है कि इतने बड़े फंड का हिसाब-किताब कैसे तय होता है? असल में, इस अधिशेष हस्तांतरण का निर्धारण विमल जालान समिति (Bimal Jalan Committee) की महत्वपूर्ण सिफारिशों के आधार पर किया जाता है।

इस समिति ने स्पष्ट सिफारिश की थी कि आरबीआई को अपने आकस्मिक जोखिम बफर (Contingency Risk Buffer) को अपनी कुल संपत्ति के 5.5% से 6.5% के बीच अनिवार्य रूप से बनाए रखना चाहिए।

इस बार भी केंद्रीय बैंक ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए देश की वित्तीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया है।

आरबीआई ने सुरक्षा बफर को अधिकतम स्तर पर बनाए रखते हुए बची हुई पूरी रकम सरकार को सौंप दी है, जो कोर सेक्टर के हालिया आंकड़ों के साथ-साथ बैंकिंग परीक्षाओं के लिए एक अत्यधिक महत्वपूर्ण कोर टॉपिक है।

राजकोषीय घाटे पर सकारात्मक प्रभाव (Positive Impact on Fiscal Deficit)

सरकार के लिए यह अतिरिक्त कमाई किसी बड़ी राहत से कम नहीं है, क्योंकि इससे बजटीय गणनाओं (Budgetary Calculations) को एक बड़ा सहारा मिलेगा। जब सरकार के पास स्वयं का पर्याप्त धन होगा, तो उसे मार्केट से कम कर्ज लेना पड़ेगा।

इसका सीधा और सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि प्राइवेट सेक्टर के लिए बैंकों में लोन की उपलब्धता बढ़ जाएगी और मार्केट पर ‘क्राउडिंग आउट’ (Crowding Out) का नकारात्मक असर कम हो जाएगा।

यह भारी भरकम राशि राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के निर्धारित लक्ष्य के भीतर रखने में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो आगामी State PCS और UPSC मुख्य परीक्षा के जीएस पेपर-3 (GS Paper-3) के लिए बेहद जरूरी है।

Static GK Connect

  • स्थापना: भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (RBI Act 1934) के प्रावधानों के तहत हिल्टन यंग कमीशन (Hilton Young Commission) की सिफारिश पर की गई थी।
  • नोडल निकाय/मुख्यालय: इसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है और यह भारत का सर्वोच्च केंद्रीय बैंक है जो देश की मौद्रिक नीति का नियमन करता है।
  • अधिनियम धारा: आरबीआई अधिनियम की धारा 47 (Section 47 of RBI Act) के तहत बैंक के अर्जित लाभ या अधिशेष को केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने का स्पष्ट कानूनी प्रावधान मौजूद है।

Current Affairs MCQs

Q1. विमल जालान समिति का संबंध निम्नलिखित में से किससे है?

a) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सुधार
b) आरबीआई का आर्थिक पूंजी ढांचा (Economic Capital Framework) ✅
c) भारत में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना
d) गैर-निष्पादित आस्तियों (NPA) का समाधान

Q2. भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की कौन सी धारा केंद्र सरकार को अधिशेष (Surplus) हस्तांतरित करने का कानूनी प्रावधान करती है?

a) धारा 42
b) धारा 45(ZN)
c) धारा 47 ✅
d) धारा 49

Q3. विमल जालान समिति के अनुसार, आरबीआई को अपना आकस्मिक जोखिम बफर (Contingency Risk Buffer) कितने प्रतिशत के बीच बनाए रखना चाहिए?

a) 3.5% से 4.5%
b) 4.5% से 5.5%
c) 5.5% से 6.5% ✅
d) 6.5% से 7.5%

National Current Affairs

NITI Aayog SDG India Index 2025-26 National Current Affairs UPSC State PCS

नीति आयोग ने सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडिया इंडेक्स 2025-26 जारी किया; शीर्ष राज्यों की सूची घोषित

क्या आप जानते हैं कि हमारा देश सतत विकास (Sustainable Development) के वैश्विक लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में कितनी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है?

नीति आयोग (NITI Aayog) ने आज की ताज़ा रिपोर्ट में अपने बहुचर्चित ‘SDG इंडिया इंडेक्स 2025-26’ का नया संस्करण जारी कर दिया है।

यह SDG इंडेक्स (SDG Index) वास्तव में एक ऐसा व्यापक रिपोर्ट कार्ड है, जो स्पष्ट रूप से मापता है कि भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मोर्चों पर कितना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) को मजबूती देने वाले इस इंडेक्स में राज्यों की नई रैंकिंग सामने आई है, जो आगामी SSC, UPSC और सभी राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें (Key Highlights)

  • इस नए सूचकांक में केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने हेल्थ और एजुकेशन (Health and Education) के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगातार अपना टॉप स्थान (Top Position) बनाए रखा है।
  • राहत की बात यह है कि क्लीन एनर्जी (Clean Energy) और क्लाइमेट एक्शन (Climate Action) के पैमानों पर इस बार पूरे देश के सामूहिक स्कोर में एक अच्छा और सकारात्मक सुधार देखा गया है।
  • आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational Districts Programme) के अंतर्गत आने वाले देश के पिछड़े इलाकों ने भी इस साल काफी अच्छा प्रोग्रेस दिखाया है।

सूचकांक की कार्यप्रणाली और श्रेणियां (Methodology and Categories of the Index)

आइए अब गहराई से समझते हैं कि नीति आयोग इस रैंकिंग को तय कैसे करता है। आयोग सभी राज्यों को उनके अर्जित अंकों के हिसाब से चार अलग-अलग कैटेगरीज में बांटता है: एस्पिरेंट (0-49), परफॉर्मर (50-64), फ्रंट रनर (65-99), और अचीवर (100)।

कमाल की बात यह है कि इस साल हमारे ज्यादातर राज्यों ने तेज तरक्की करते हुए ‘फ्रंट रनर’ (Front Runner) कैटेगरी में अपनी पक्की जगह बनाई है। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकारी नीतियां सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे जमीन पर प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं।

नीति आयोग यह पूरा जटिल डेटा सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के नेशनल इंडिकेटर फ्रेमवर्क (National Indicator Framework) के साथ मिलकर तैयार करता है।

सहकारी संघवाद और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा (Cooperative Federalism and Healthy Competition)

यह इंडेक्स सिर्फ रैंक की एक लिस्ट नहीं है, बल्कि यह देश के राज्यों के बीच आगे बढ़ने की एक अत्यंत पॉजिटिव और स्वस्थ होड़ (Healthy Competition) पैदा करता है। इसके जरिए एक राज्य दूसरे राज्य के अच्छे कामों (Best Practices) से बहुत कुछ सीखता है।

यह डेटा-संचालित शासन (Data-Driven Governance) का एक बेहतरीन उदाहरण है। इससे हमारी सरकारों को यह समझने में आसानी होती है कि किस इलाके में काम थोड़ा धीमा चल रहा है और कहां पर ज़्यादा फंड व संसाधन लगाने की सख्त जरूरत है।

अगर आप गंभीरता से UPSC की तैयारी कर रहे हैं, तो मेन्स परीक्षा के उत्तर लेखन (Answer Writing) में गवर्नेंस सेक्शन के लिए इस इंडेक्स के डेटा को जरूर नोट कर लें।

Static GK Connect

  • नीति आयोग (NITI Aayog): National Institution for Transforming India की स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग (Planning Commission) के स्थान पर एक गैर-संवैधानिक, नीतिगत थिंक-टैंक (Policy Think-Tank) के रूप में की गई थी। इसके पदेन अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं।
  • SDG लक्ष्य: संयुक्त राष्ट्र (United Nations) द्वारा वर्ष 2015 में 17 सतत विकास लक्ष्यों (17 SDGs) को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया था, जिन्हें 2030 तक प्राप्त करने का वैश्विक संकल्प लिया गया है।
  • संवैधानिक जुड़ाव: यह सूचकांक संविधान के भाग 4 में वर्णित राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP), विशेष रूप से अनुच्छेद 39(b) और 39(c) तथा अनुच्छेद 47 के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के दर्शन को साकार करने की दिशा में कार्य करता है।

Current Affairs MCQs

Q1. भारत में सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडिया इंडेक्स निम्नलिखित में से किस संस्था द्वारा जारी किया जाता है?

a) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
b) नीति आयोग ✅
c) सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
d) राष्ट्रीय विकास परिषद

Q2. नीति आयोग के SDG इंडिया इंडेक्स वर्गीकरण के तहत, ‘फ्रंट रनर’ (Front Runner) श्रेणी में आने वाले राज्यों का स्कोर कितना होना चाहिए?

a) 50-64
b) 65-99 ✅
c) 0-49
d) 100

Q3. संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की कुल संख्या कितनी है, जिन्हें वर्ष 2030 तक प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है?

a) 15
b) 16
c) 17 ✅
d) 18

Science & Technology Current Affairs

ISRO Gaganyaan Mission Crew Module Successful Test Science and Technology GK

इसरो (ISRO) ने गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए ‘क्रू मॉड्यूल’ का सफल परीक्षण पूरा किया

भारत के स्पेस लवर्स (Space Lovers) और डिफेंस एस्पिरेंट्स के लिए आज एक बहुत ही गर्व करने वाला अपडेट है! भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने सपनों के सबसे बड़े ‘गगनयान मिशन’ (Gaganyaan Mission) की दिशा में एक और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है।

इसरो ने हाल ही में क्रू मॉड्यूल (Crew Module) की सुरक्षित वापसी और उसके एयरड्रॉप का एक बेहद चुनौतीपूर्ण व महत्वपूर्ण टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

इसका मतलब साफ है, जब भविष्य में हमारे भारतीय अंतरिक्ष यात्री स्पेस से वापस लौटेंगे, तो वे बिल्कुल सुरक्षित तरीके से समंदर में कैसे लैंड करेंगे, इस पूरे रिकवरी सिस्टम (Recovery System) की बारीकी से जांच कर ली गई है।

साइंस एंड टेक्नोलॉजी (Science & Technology) परीक्षाओं के लिहाज से यह बेहद जरूरी टॉपिक है। यह सफलता भारत को दुनिया के उन चुनिंदा देशों की कतार में मजबूती से खड़ा करती है जो पूरी तरह अपने स्वदेशी दम पर इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।

मुख्य बातें (Key Highlights)

  • यह क्रिटिकल टेस्ट मुख्य रूप से मॉड्यूल के पैराशूट सिस्टम (Parachute Deployment System) की ताकत और वायुमंडल में बहुत तेज़ स्पीड में उसके संतुलन को चेक करने के लिए किया गया था।
  • इस दौरान भारतीय नौसेना (Indian Navy) के जवानों ने भी साथ मिलकर काम किया, जिससे उन्होंने समंदर में गिरे क्रू मॉड्यूल (Crew Module) को सुरक्षित बाहर निकालने (Recovery Operations) का सफलतापूर्वक अभ्यास किया।
  • आपको बता दें कि इस महा-मिशन का असली मकसद हमारे 3 अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit – LEO) में भेजना और कुछ दिनों बाद उन्हें सुरक्षित धरती पर वापस लाना है।

एलवीएम3 रॉकेट और तकनीकी विनिर्देश (LVM3 Rocket and Technical Specifications)

गगनयान मिशन को अंतरिक्ष में ले जाने का भारी-भरकम जिम्मा भारत के सबसे शक्तिशाली और भरोसेमंद रॉकेट ‘लॉन्च व्हीकल मार्क-3’ (LVM3) को सौंपा गया है।

चूंकि इसमें पहली बार इंसान जाने वाले हैं, इसलिए इस रॉकेट को विशेष रूप से ‘ह्यूमन-रेटेड’ (Human-Rated LVM3) बनाया गया है, यानी इसमें सुरक्षा के कई एक्स्ट्रा लेयर्स (Extra Layers of Safety) जोड़े गए हैं।

इसी सुरक्षा तंत्र का एक बड़ा हिस्सा है ‘क्रू एस्केप सिस्टम’ (Crew Escape System)। यह सिस्टम लॉन्चिंग के समय किसी भी संभावित गड़बड़ी की स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों को तुरंत सुरक्षित दूरी पर ले जाएगा। यह टेस्ट पूरी दुनिया में हमारे स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन (Cryogenic Engine) की ताकत का भी लोहा मनवाता है।

भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र का वैश्विक प्रभाव (Global Impact of India’s Space Sector)

अगर गगनयान मिशन पूरी तरह से सफल रहता है, तो भारत दुनिया का मात्र चौथा ऐसा देश बन जाएगा जिसने खुद के दम पर इंसानों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंचाया हो—इससे पहले यह महान कारनामा सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन ही कर पाए हैं।

यह मिशन सिर्फ देश का नाम ही ऊंचा नहीं करेगा, बल्कि हालिया पृथ्वी अवलोकन उपग्रह मिशन (EOS-09) की तरह ही, यह आने वाले समय में भारत का खुद का स्पेस स्टेशन बनाने और चांद-मंगल के मानव अभियानों (Manned Missions) के लिए एक बेहद मजबूत नींव का काम करेगा।

इससे देश के युवाओं में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (STEM Education) को लेकर एक नया और सकारात्मक क्रेज पैदा होगा।

Static GK Connect

  • इसरो (ISRO): इसकी स्थापना 15 अगस्त 1969 को डॉ. विक्रम साराभाई के अथक प्रयासों से हुई थी। यह भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) के अंतर्गत कार्य करता है। इसका मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित है।
  • अंतरिक्ष केंद्र: भारत का मुख्य प्रक्षेपण केंद्र सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC), श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश में स्थित है, जहां से सभी महत्वपूर्ण उपग्रह और स्पेस मिशन लॉन्च किए जाते हैं।
  • ऐतिहासिक तथ्य: अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले भारत के पहले नागरिक विंग कमांडर राकेश शर्मा थे, जिन्होंने वर्ष 1984 में सोवियत संघ के सोयुज टी-11 (Soyuz T-11) मिशन के माध्यम से यह ऐतिहासिक यात्रा की थी।

Current Affairs MCQs

Q1. भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ को किस लॉन्च व्हीकल (रॉकेट) द्वारा अंतरिक्ष में भेजा जाएगा?

a) PSLV-C58
b) GSLV-Mk II
c) LVM3 ✅
d) SSLV-D3

Q2. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का मुख्यालय निम्नलिखित में से किस शहर में स्थित है?

a) श्रीहरिकोटा
b) तिरुवनंतपुरम
c) बेंगलुरु ✅
d) नई दिल्ली

Q3. वर्ष 1984 में सोवियत संघ के अंतरिक्ष मिशन के माध्यम से अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय नागरिक कौन थे?

a) सतीश धवन
b) राकेश शर्मा ✅
c) रविश मल्होत्रा
d) विक्रम साराभाई

Environment Current Affairs

International Solar Alliance ISA New Member Nation OSOWOG Environment Current Affairs

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) में शामिल हुआ एक और नया सदस्य देश; वैश्विक स्तर पर भारत का बढ़ा दबदबा

क्लाइमेट चेंज (Climate Change) से गंभीरता से लड़ने और रिन्यूएबल ऊर्जा (Renewable Energy) को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की कूटनीतिक मुहिम अब शानदार रंग ला रही है।

हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance – ISA) के रूपरेखा समझौते पर एक और महत्वपूर्ण देश ने अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं और वह आधिकारिक तौर पर इसका नया मेंबर (Official Member) बन गया है।

पर्यावरण नीतियों (Environment Policies) और इंटरनेशनल रिलेशंस (International Relations) की तैयारी कर रहे सभी छात्रों के लिए यह खबर बहुत काम की है, क्योंकि यह सीधे तौर पर हमारी वैश्विक पर्यावरण कूटनीति से गहराई से जुड़ी हुई है।

आईएसए (ISA) का मुख्य काम दुनिया में प्रदूषण फैलाने वाले जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) पर हमारी निर्भरता कम करना और धूप से भरपूर देशों के बीच बेहतरीन सोलर टेक्नोलॉजी को शेयर करना है।

मुख्य बातें (Key Highlights)

  • इस नए देश के जुड़ने से गठबंधन का कुनबा और भी बड़ा हो गया है, जो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि पूरी दुनिया अब सौर ऊर्जा के मामले में भारत के विज़न (India’s Vision) पर भरोसा कर रही है।
  • यह विशाल संगठन ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ (OSOWOG) जैसी दुनिया की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी ऊर्जा परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में पूरी ताकत से जुटा हुआ है।
  • इसके अलावा, आईएसए गरीब और विकासशील देशों को सोलर प्रोजेक्ट्स (Solar Projects) लगाने के लिए न केवल पैसों का इंतजाम करने में मदद करता है बल्कि उन्हें तकनीकी सहायता (Technical Support) भी प्रदान करता है।

वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड पहल (One Sun, One World, One Grid – OSOWOG Initiative)

आइए अब थोड़ा करीब से समझते हैं कि यह बहुचर्चित ‘OSOWOG’ पहल आखिर है क्या? इस बेहतरीन पहल का सीधा सा नियम है कि “सूरज कभी डूबता नहीं है”।

मतलब, हमारी धरती के किसी न किसी हिस्से पर हमेशा धूप खिली रहती है। इसलिए, क्यों न एक ऐसा ग्लोबल ग्रिड (Global Power Grid) बना दिया जाए, जिससे जहां तेज धूप है वहां से बिजली बनाकर उस हिस्से में तुरंत भेजी जा सके जहां फिलहाल रात है या बिजली की भारी किल्लत है।

यह शानदार विचार पूरी दुनिया को कार्बन मुक्त (Decarbonization) करने की दिशा में एक गेम-चेंजर (Game Changer) साबित हो सकता है।

राष्ट्रीय सौर मिशन और भारत के नवीकरणीय लक्ष्य (National Solar Mission and India’s Renewable Targets)

दुनिया को सौर ऊर्जा का रास्ता दिखाने के साथ-साथ भारत अपने घर में भी राष्ट्रीय सौर मिशन (National Solar Mission) के जरिए बहुत तेजी से हाथ-पैर मार रहा है।

भारत सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक हम अपनी गैर-जीवाश्म ईंधन (Non-Fossil Fuel) आधारित बिजली क्षमता को 500 गीगावाट (GW) तक हर हाल में ले जाएं।

यह कोशिश पेरिस जलवायु समझौते (Paris Climate Agreement) के तहत दुनिया से किए गए हमारे कड़े वादों को पूरा करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ठोस कदम माना जा रहा है।

Static GK Connect

  • मुख्यालय और स्थापना: अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की शुरुआत भारत और फ्रांस द्वारा संयुक्त रूप से 30 नवंबर 2015 को पेरिस में आयोजित COP-21 सम्मलेन के दौरान की गई थी। इसका सचिवालय/मुख्यालय गुरुग्राम, Haryana (भारत) में स्थित है। यह भारत में मुख्यालय वाला पहला बड़ा अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन (Inter-Governmental Organization) है।
  • नोडल मंत्रालय: भारत में इस गठबंधन का पूरा समन्वय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा किया जाता है।
  • कर्क और मकर रेखा संदर्भ: शुरुआत में यह गठबंधन मुख्य रूप से कर्क रेखा (Tropic of Cancer) और मकर रेखा (Tropic of Capricorn) के बीच पूरी तरह या आंशिक रूप से स्थित सूर्य की प्रचुरता वाले देशों (Sunshine Countries) का समूह था, लेकिन अब इसके नियमों में संशोधन करके संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों के लिए इसकी सदस्यता खोल दी गई है।

Current Affairs MCQs

Q1. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय भारत के किस शहर में स्थित है?

a) नई दिल्ली
b) गुरुग्राम ✅
c) नोएडा
d) गांधीनगर

Q2. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की स्थापना वर्ष 2015 में पेरिस जलवायु समझौते (COP-21) के दौरान किन दो देशों के संयुक्त प्रयासों से हुई थी?

a) भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका
b) भारत और जर्मनी
c) भारत और फ्रांस ✅
d) भारत और यूनाइटेड किंगडम

Q3. आईएसए (ISA) द्वारा समर्थित ‘OSOWOG’ पहल का पूर्ण रूप क्या है?

a) One Solar, One World, One Goal
b) One Sun, One World, One Grid ✅
c) Our Sun, Our World, Our Growth
d) Open Source, Open World, Open Grid

Defence Current Affairs

India US Bilateral Tri-Services Exercise Tiger Triumph 2026 Defence Current Affairs

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय त्रि-सेवा मानवीय सहायता अभ्यास ‘टाइगर ट्रायम्फ 2026’ शुरू

भारत और अमेरिका की रणनीतिक दोस्ती अब सिर्फ मीटिंग्स या कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि समंदर की लहरों पर भी साफ दिखाई दे रही है।

आज की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों की सेनाओं के बीच एक बहुत बड़ा मिलिट्री अभ्यास ‘टाइगर ट्रायम्फ 2026’ (Exercise Tiger Triumph 2026) हमारे पूर्वी समुद्री तट पर शुरू हो चुका है।

डिफेंस (Defence) और सिक्योरिटी से जुड़े करेंट अफेयर्स के लिहाज से यह टॉपिक काफी जरूरी है, क्योंकि यह एक ‘त्रि-सेवा’ (Tri-Services) अभ्यास है।

यानी इसमें भारत और अमेरिका दोनों की थलसेना (Army), नौसेना (Navy) और वायुसेना (Airforce) एक साथ मिलकर हिस्सा ले रही हैं। इसका मुख्य काम किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा के समय मिलकर लोगों की जान बचाना और राहत सामग्री पहुंचाना (HADR – Humanitarian Assistance and Disaster Relief) सीखना है।

मुख्य बातें (Key Highlights)

  • यह युद्धाभ्यास दोनों महाशक्तियों के बीच लगातार मजबूत होते सैन्य और रणनीतिक रिश्तों का एक सीधा सबूत है, जो महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में शांति बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
  • इस अभ्यास का सबसे बड़ा फोकस यह है कि अगर अचानक कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा आ जाए, तो दोनों देशों की सेनाएं बिना किसी भी प्रकार की देरी के आपस में तालमेल (Coordination) कैसे बिठाएं।
  • इस पूरे महा-ऑपरेशन में दोनों देशों के बड़े और अत्याधुनिक जंगजू जहाज, भारी-भरकम ट्रांसपोर्ट विमान (Transport Aircraft) और स्पेशल फोर्सेज (Special Forces) के जवान हिस्सा ले रहे हैं।

त्रि-सेवा समन्वय और अंतःक्रियाशीलता (Tri-Services Coordination and Interoperability)

‘टाइगर ट्रायम्फ’ अभ्यास की सबसे खास बात ही यही है कि यह तीनों सेनाओं का एक साझा मंच है। अमूमन सैन्य अभ्यास किसी एक विंग (जैसे सिर्फ नेवी या सिर्फ आर्मी) के बीच होते हैं।

इसके विपरीत, यह त्रि-सेवा अभ्यास (Tri-Services Exercise) किसी भी मुश्किल या आपातकालीन स्थिति में सशस्त्र बलों के तीनों अंगों के बीच सटीक तालमेल (Coordination) और त्वरित कार्यप्रणाली को स्थापित करना सिखाता है।

भारत के लिए यह अभ्यास इसलिए भी बहुत काम का है क्योंकि हम अपने देश में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के नेतृत्व में थियेटर कमान (Theatre Commands) बनाने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, और यह अभ्यास उसी का एक बेहतरीन प्रैक्टिकल अनुभव देता है।

भारत-अमेरिका रणनीतिक रक्षा समझौते (India-US Strategic Defence Agreements)

अब इस सैन्य तालमेल के पीछे की असली कूटनीतिक कहानी भी जान लीजिए। भारत और अमेरिका ने आपस में चार बहुत बुनियादी रक्षा समझौते (Foundational Defence Agreements) किए हुए हैं, जिनके नाम GSOMIA, LEMOA, COMCASA और BECA हैं।

इन्हीं ऐतिहासिक समझौतों की वजह से दोनों देश एक-दूसरे के साथ जरूरी खुफिया जानकारियां बहुत आसानी से शेयर कर पाते हैं, तथा एक-दूसरे के सैन्य बेस से ईंधन और जरूरी सामान (Logistics Support) ले सकते हैं।

यह पूरी कूटनीति क्वाड (QUAD) देशों के उस विज़न को मजबूत करती है जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुरक्षित रखना चाहता है, जो भारत की बढ़ती रणनीतिक रक्षा साझेदारी का सबसे बड़ा प्रमाण है।

Static GK Connect

  • नोडल मंत्रालय: भारत की ओर से रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) इस अभ्यास का नोडल प्राधिकरण है, और इसका पूरा समन्वय एकीकृत रक्षा स्टाफ (Integrated Defence Staff – IDS) द्वारा किया जाता है।
  • अन्य महत्वपूर्ण अभ्यास: भारत और अमेरिका के बीच आयोजित होने वाले अन्य प्रमुख सैन्य अभ्यासों में ‘युद्ध अभ्यास’ (Yudh Abhyas – थलसेना), ‘वज्र प्रहार’ (Vajra Prahar – विशेष बल), और ‘मालाबार’ (Malabar) (बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास, जिसमें जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं) अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
  • संवैधानिक प्रावधान: भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule) के तहत रक्षा, सेना और विदेशी मामले पूरी तरह से संघ सूची (Union List) का विषय हैं, जिन पर कानून बनाने का विशेष और एकमात्र अधिकार केंद्र सरकार के पास सुरक्षित है।

Current Affairs MCQs

Q1. ‘टाइगर ट्रायम्फ’ (Tiger Triumph) भारत और किस देश के बीच आयोजित होने वाला एक द्विपक्षीय त्रि-सेवा (Tri-Services) सैन्य अभ्यास है?

a) जापान
b) ऑस्ट्रेलिया
c) संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ✅
d) यूनाइटेड किंगडम

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा रक्षा समझौता भारत और अमेरिका के बीच सैन्य रसद (Logistics) के आदान-प्रदान और रसद सहायता साझा करने से संबंधित है?

a) BECA
b) LEMOA ✅
c) COMCASA
d) GSOMIA

Q3. भारतीय संविधान की किस अनुसूची के तहत ‘रक्षा, नौसेना, थलसेना और वायुसेना’ को संघ सूची (Union List) का विषय घोषित किया गया है?

a) पांचवीं अनुसूची
b) सातवीं अनुसूची ✅
c) नौवीं अनुसूची
d) ग्यारहवीं अनुसूची

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