Environment & Ecology Current Affairs

हाल ही में येल और कोलंबिया विश्वविद्यालय ने ‘पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक’ (Environmental Performance Index – EPI) 2026 की ताज़ा रिपोर्ट जारी की है।
यह द्विवार्षिक रिपोर्ट हमें विस्तार से बताती है कि दुनिया भर के देशों का पर्यावरणीय स्वास्थ्य (Environmental Health) कैसा है और वहां का इकोसिस्टम कितना सुरक्षित है।
अगर आप UPSC या State PCS जैसी उच्च स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो यह वैश्विक सूचकांक आपके लिए बहुत ज़्यादा ज़रूरी है, क्योंकि पर्यावरण से जुड़े सवाल हर साल पूछे जाते हैं।
पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI) 2026 जारी: भारत की स्थिति और वैश्विक रैंकिंग
पिछले 24 घंटों की ताज़ा ख़बरों पर नज़र डालें, तो पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI) 2026 का पब्लिश होना सबसे अहम घटना है।
क्या आपने कभी सोचा है कि जलवायु परिवर्तन, वायु गुणवत्ता और ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन जैसी बड़ी चुनौतियों से दुनिया कैसे निपट रही है?
यह रिपोर्ट दुनिया के 180 देशों का इन्हीं मापदंडों पर गहराई से मूल्यांकन करती है। एक तरह से यह ग्लोबल पर्यावरणीय नीतियों की सफलता को मापने का सबसे अच्छा विश्लेषणात्मक टूल है।
हाल ही में जारी इस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में थोड़ा सुधार देखने को मिला है। इसका सबसे बड़ा कारण Renewable Energy, Solar Power और वनीकरण (Afforestation) को लेकर सरकार की नई नीतियां और निरंतर प्रयास हैं।
आने वाले SSC, Banking और UPSC एग्ज़ाम्स के लिए यह टॉपिक बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें Policy Implementation से लेकर Net-Zero लक्ष्यों तक भारत की पूरी प्रोग्रेस बताई गई है।
स्टूडेंट्स को इन इंडिकेटर्स और रैंकिंग के बदलाव को बहुत ध्यान से समझना चाहिए ताकि मुख्य परीक्षा में उत्तर लेखन में मदद मिल सके।
मुख्य बातें (Key Highlights)
भारत का प्रदर्शन और नीतिगत बदलाव
भारत ने अपने राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (NDC) के तहत कार्बन उत्सर्जन कम करने का एक बड़ा कमिटमेंट किया है। ताज़ा रिपोर्ट में हमारी ‘National Clean Air Programme’ (NCAP) और ‘Green Credit Program’ की खूब तारीफ की गई है।
लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि वायु प्रदूषण, गिरता हुआ भूजल स्तर और Biodiversity का नुकसान अभी भी हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौतियां हैं। सरकार को इन पर तुरंत एक्शन लेने की ज़रूरत है।
शीर्ष देश और वैश्विक मापदंड
इस साल के ग्लोबल इंडेक्स में डेनमार्क और स्वीडन जैसे स्कैंडिनेवियाई देशों ने बाज़ी मारी है और शीर्ष स्थान हासिल किया है। इन देशों ने Climate Mitigation और साफ पानी के मैनेजमेंट में पूरी दुनिया के सामने एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।
आपको बता दें कि इस इंडेक्स में कुल 40 Performance Indicators का इस्तेमाल होता है, जिन्हें 11 अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है। इससे हमें पर्यावरण सुरक्षा की एकदम साफ और सटीक तस्वीर देखने को मिलती है।
Static GK Connect
- संस्थाएं: येल विश्वविद्यालय (Yale University) और कोलंबिया विश्वविद्यालय।
- सहयोग: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum – WEF)।
- संवैधानिक प्रावधान: संविधान का अनुच्छेद 48A (राज्य द्वारा पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन) और अनुच्छेद 51A(g) (प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करना)।
- अधिनियम: पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (Environment Protection Act)।
Current Affairs MCQs
Q1. पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (Environmental Performance Index) 2026 किन संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया है?
a) UNEP और IUCN
b) येल और कोलंबिया विश्वविद्यालय ✅
c) वर्ल्ड बैंक और IMF
d) नीति आयोग और पर्यावरण मंत्रालय
Q2. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और संवर्धन को नागरिकों के मौलिक कर्तव्य के रूप में परिभाषित करता है?
a) अनुच्छेद 48A
b) अनुच्छेद 21
c) अनुच्छेद 51A(g) ✅
d) अनुच्छेद 50
Q3. पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI) में आमतौर पर कितने Performance Indicators का उपयोग करके देशों का मूल्यांकन किया जाता है?
a) 25
b) 30
c) 40 ✅
d) 50
Economy & Banking Current Affairs

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee – MPC) ने हाल ही में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी ताज़ा द्वैमासिक नीति (Bi-monthly Policy) जारी कर दी है।
जो स्टूडेंट्स Banking और SSC परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह इकोनॉमिक अपडेट पढ़ना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इसका सीधा कनेक्शन देश की GDP ग्रोथ और महंगाई के आंकड़ों से है।
RBI MPC बैठक 2026: रेपो रेट (Repo Rate) में अहम फैसले और GDP अनुमान
फिलहाल में ही ख़त्म हुई MPC की इस तीन दिवसीय हाई-लेवल बैठक के बाद, रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रमुख नीतिगत दरों (Policy Rates) की घोषणा की है।
आज पूरी दुनिया में आर्थिक उथल-पुथल मची है और सप्लाई चेन की दिक्कतें हैं, लेकिन ऐसे समय में भी RBI ने महंगाई (Inflation) को कंट्रोल करने और हमारी Economic Growth को रफ़्तार देने के लिए एक बहुत ही बैलेंस वाली अप्रोच अपनाई है। आप हमारी पिछली मौद्रिक नीति अपडेट भी पढ़ सकते हैं जिससे आपको आर्थिक बदलावों का क्रम समझने में आसानी होगी।
आज की ताज़ा रिपोर्ट और घोषणा के मुताबिक, रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया गया है यानी इसे स्थिर रखा गया है। इसके साथ ही FY27 के लिए Real GDP Growth का एक नया और पॉज़िटिव अनुमान भी सामने आया है।
UPSC और Banking Aspirants को यह समझना ही होगा कि ये दरें Liquidity Adjustment Facility (LAF) के तहत कैसे काम करती हैं, बैंकों के लोन देने की क्षमता पर इनका क्या असर होता है, और आम आदमी की जेब पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।
मुख्य बातें (Key Highlights)
प्रमुख नीतिगत दरें (Key Policy Rates)
रिज़र्व बैंक ने इस बार रेपो दर (Repo Rate) को बिना किसी बदलाव के एकदम स्थिर रखा है। इसके अलावा, स्थायी जमा सुविधा (Standing Deposit Facility – SDF) और सीमांत स्थायी सुविधा (Marginal Standing Facility – MSF) की दरों में भी कोई फेरबदल नहीं किया गया है।
इसका सीधा सा मकसद यह है कि Consumer Price Index (CPI) पर आधारित खुदरा महंगाई दर को 4% के टारगेट के आस-पास ही रखा जाए, ताकि आम उपभोक्ता को महंगाई से थोड़ी राहत मिल सके और बाज़ार में स्थिरता बनी रहे।
GDP विकास दर और इन्फ्लेशन (Inflation) आउटलुक
देश के केंद्रीय बैंक (Central Bank) ने चालू वित्त वर्ष के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (Real GDP) की ग्रोथ का एक बहुत ही शानदार अनुमान पेश किया है।
इस बार अच्छे मानसून (Monsoon) की उम्मीद है और ग्रामीण मांग (Rural Demand) भी लगातार सुधर रही है, जिससे हमारी भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी मज़बूती मिल रही है।
हालांकि, दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों (Geopolitical tensions) की वजह से कच्चे तेल के दाम ऊपर-नीचे हो रहे हैं, जिन पर RBI पूरी नज़र बनाए हुए है।
Static GK Connect
- गठन: 1 अप्रैल 1935 को RBI Act 1934 के तहत हिल्टन यंग कमीशन (Hilton Young Commission) की सिफारिश पर RBI की स्थापना हुई थी।
- राष्ट्रीयकरण: 1 जनवरी 1949 को भारतीय रिज़र्व बैंक का राष्ट्रीयकरण हुआ।
- MPC का प्रावधान: RBI Act 1934 की धारा 45ZB के तहत मौद्रिक नीति समिति (MPC) बनाई जाती है।
- MPC की संरचना: इस खास समिति में कुल 6 सदस्य होते हैं (3 रिज़र्व बैंक से और 3 भारत सरकार द्वारा चुने जाते हैं)।
Current Affairs MCQs
Q1. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) का गठन RBI अधिनियम 1934 की किस धारा के तहत किया जाता है?
a) धारा 22
b) धारा 45ZB ✅
c) धारा 45ZA
d) धारा 17
Q2. मौद्रिक नीति समिति (MPC) में भारत सरकार द्वारा कितने सदस्यों की नियुक्ति की जाती है?
a) 2
b) 3 ✅
c) 4
d) 5
Q3. वर्तमान में RBI द्वारा निर्धारित खुदरा महंगाई दर (CPI Inflation) का मुख्य लक्ष्य क्या है?
a) 3%
b) 4% ✅
c) 5%
d) 6%
Science & Technology Current Affairs

भारत और अमेरिका की स्पेस कूटनीति (Space Diplomacy) का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट ‘निसार’ (NISAR – NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) मिशन अब अपने अंतिम टेस्टिंग फेज़ में पहुंच गया है।
पृथ्वी अवलोकन (Earth Observation) के क्षेत्र में यह एक बहुत ही क्रांतिकारी कदम है। UPSC GS Paper 3 (Science & Tech) और State PCS एग्जाम्स के लिए तो यह एकदम हॉट और महत्वपूर्ण टॉपिक है।
निसार (NISAR) सैटेलाइट: इसरो और नासा का संयुक्त अर्थ ऑब्जर्वेशन मिशन
पिछले 24 घंटों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने निसार (NISAR) मिशन को लेकर एक बहुत बड़ी खुशखबरी शेयर की है।
इस एडवांस्ड सैटेलाइट के पेलोड (Payload) और रडार सिस्टम का इंटीग्रेशन और वैक्यूम टेस्टिंग कामयाबी के साथ पूरी कर ली गई है। आपको बता दें कि इस मिशन के लॉन्च से पहले यह सबसे बड़ी टेक्निकल चुनौती मानी जा रही थी, जिसे अब आसानी से पार कर लिया गया है।
हाल ही में आई आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, यह उपग्रह इतना ताक़तवर है कि पृथ्वी के क्रस्ट (Earth’s Crust), बर्फ की चादरों (Ice Sheets) और हमारे संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystems) में होने वाले छोटे से छोटे बदलाव को भी बहुत सटीकता से नाप लेगा।
इसे दुनिया का सबसे महंगा पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (Earth Observation Satellite) कहा जा रहा है। ज़रा सोचिए, यह प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी और कृषि प्रबंधन में कितना बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा!
मुख्य बातें (Key Highlights)
निसार मिशन की प्रमुख विशेषताएं
NISAR का पूरा नाम ‘NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar’ है। क्या आप जानते हैं कि यह L-Band और S-Band दोनों रडार फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करने वाला दुनिया का पहला रडार इमेजिंग सैटेलाइट है?
इसमें L-Band रडार को NASA ने और S-Band रडार को ISRO ने डेवलप किया है। यह सैटेलाइट हर 12 दिन में पूरे ग्लोब (Globe) की हाई-रिज़ॉल्यूशन वाली मैपिंग करने की अद्भुत क्षमता रखता है।
अनुप्रयोग (Applications) और भूमंडलीय लाभ
इस बड़े मिशन का मेन टारगेट जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के गहरे प्रभावों की स्टडी करना है। यह सैटेलाइट भूस्खलन (Landslides), भूकंप (Earthquakes), ज्वालामुखी फटने और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए एक बहुत ही सटीक अर्ली वार्निंग सिस्टम का काम करेगा।
इसके साथ ही, ग्लोबल कार्बन चक्र (Carbon Cycle), ग्लेशियरों के पिघलने और जंगलों की कटाई पर नज़र रखने में भी यह काफी मददगार साबित होने वाला है।
Static GK Connect
- भारतीय संस्था: ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन)।
- मुख्यालय: बेंगलुरु (यह सीधे Department of Space के अंडर काम करता है)।
- स्थापना: डॉ. विक्रम साराभाई द्वारा 15 अगस्त 1969 को।
- अमेरिकी संस्था: NASA (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन), जिसकी स्थापना 1 अक्टूबर 1958 को हुई थी, और इसका हेडक्वार्टर वाशिंगटन डी.सी. (Washington, D.C.) में है।
Current Affairs MCQs
Q1. निसार (NISAR) उपग्रह मिशन में S-Band रडार प्रणाली किस अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा विकसित की गई है?
a) NASA
b) ISRO ✅
c) ESA
d) JAXA
Q2. NISAR मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a) मंगल ग्रह की सतह का अध्ययन
b) डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन
c) पृथ्वी का अवलोकन (Earth Observation) ✅
d) सूर्य के कोरोना का अध्ययन
Q3. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) किस मंत्रालय या विभाग के सीधे नियंत्रण में कार्य करता है?
a) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
b) रक्षा मंत्रालय
c) अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) ✅
d) पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
International Affairs & Summits

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council – UNSC) में नए अस्थाई (Non-Permanent) सदस्यों का चुनाव पूरी दुनिया की भू-राजनीति (Global Geopolitics) का एक बहुत अहम हिस्सा है।
अगर आप अंतर्राष्ट्रीय संबंधों (International Relations) का सिलेबस देखें, तो राज्य सिविल सेवाओं, SSC और UPSC एग्जाम्स के नज़रिए से यह टॉपिक बेहद ज़रूरी हो जाता है।
UNSC चुनाव 2026: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नए अस्थाई सदस्यों का चयन
आज की ताज़ा रिपोर्ट पर गौर करें, तो संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly – UNGA) ने साल 2027-2028 के कार्यकाल के लिए पांच नए अस्थाई सदस्यों का चुनाव सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
सुरक्षा परिषद में टोटल 15 सदस्य होते हैं, जिनमें 5 स्थाई (Permanent) और 10 अस्थाई सदस्य हैं। दुनिया भर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की पूरी ज़िम्मेदारी इन्ही देशों के कंधों पर होती है।
हाल ही में हुए इन बड़े चुनावों में रीजनल कोटे (Regional Representation) के आधार पर अलग-अलग महाद्वीपों से देशों को सिलेक्ट किया गया है।
भारत हमेशा से ग्लोबल साउथ (Global South) की मज़बूत आवाज़ रहा है और UNSC में बड़े संस्थागत सुधारों (Reforms) के साथ-साथ अपनी परमानेंट सीट की भी ज़ोरदार वकालत करता रहा है। ऐसे में, इस ग्लोबल संस्था की कार्यप्रणाली, वोटिंग प्रोसेस और भारत के कूटनीतिक स्टैंड को समझना हर प्रतियोगी छात्र के लिए बहुत ज़रूरी है।
मुख्य बातें (Key Highlights)
चुनाव प्रक्रिया और मतदान के नियम
UNSC के अस्थाई सदस्यों का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा एकदम गुप्त तरीके से किया जाता है। किसी भी देश को जीतने के लिए महासभा में मौजूद और वोट करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत (Two-thirds majority) की ज़रूरत होती है।
हर साल पांच अस्थाई सदस्यों को पूरे दो साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। यह पूरी प्रक्रिया बहुत ही पारदर्शी होती है और सीक्रेट बैलेट (Secret Ballot) के ज़रिए पूरी की जाती है।
क्षेत्रीय कोटा व्यवस्था और भारत की स्थिति
अस्थाई 10 सीटों का बंटवारा सख्त भौगोलिक आधार पर होता है, जिसमें अफ्रीकी, एशियाई, पूर्वी यूरोपीय और लैटिन अमेरिकी देशों का कोटा फिक्स होता है।
आपको यह जानकर गर्व होगा कि भारत अब तक कुल आठ बार (8 times) UNSC का सफल अस्थाई सदस्य रह चुका है। हाल ही में भारत ने 2028-2029 के कार्यकाल के लिए भी अपनी मज़बूत दावेदारी पेश की है, जो दुनिया भर में भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताक़त (Diplomatic Strength) को साफ-साफ दिखाता है।
Static GK Connect
- संयुक्त राष्ट्र (UN): स्थापना 24 अक्टूबर 1945, मुख्यालय न्यूयॉर्क (New York)।
- UNSC की संरचना: संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) के ‘अनुच्छेद 23’ में सुरक्षा परिषद के स्ट्रक्चर के बारे में साफ तौर पर बताया गया है।
- स्थाई सदस्य (P5): अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम (इन पांचों देशों के पास ख़ास Veto Power होती है)।
Current Affairs MCQs
Q1. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अस्थाई सदस्यों का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है?
a) 1 वर्ष
b) 2 वर्ष ✅
c) 3 वर्ष
d) 5 वर्ष
Q2. UNSC के अस्थाई सदस्य चुने जाने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में कितने बहुमत की आवश्यकता होती है?
a) साधारण बहुमत
b) पूर्ण बहुमत
c) दो-तिहाई बहुमत (Two-thirds majority) ✅
d) तीन-चौथाई बहुमत
Q3. संयुक्त राष्ट्र चार्टर के किस अनुच्छेद (Article) में सुरक्षा परिषद की संरचना और उसके सदस्यों का प्रावधान है?
a) अनुच्छेद 10
b) अनुच्छेद 15
c) अनुच्छेद 23 ✅
d) अनुच्छेद 33
Defence & Military Exercises

भारत और फ्रांस के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) को नई ऊंचाई देने में संयुक्त सैन्य अभ्यास बहुत बड़ा रोल प्ले करते हैं।
‘शक्ति’ (Shakti) युद्धाभ्यास रक्षा करंट अफेयर्स (Defence Current Affairs) का एक ऐसा एवरग्रीन टॉपिक है, जो लगातार SSC, NDA, CDS, Banking और UPSC परीक्षाओं में पूछा जाता रहा है।
संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘शक्ति 2026’: भारत और फ्रांस की सेनाओं के बीच अहम युद्धाभ्यास
रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) द्वारा जारी एक ताज़ा विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय थल सेना (Indian Army) और फ्रांसीसी सेना के बीच मशहूर द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘शक्ति 2026’ (Exercise Shakti) का नया एडिशन बड़े जोश के साथ शुरू हो चुका है।
यह युद्धाभ्यास दोनों देशों की सैन्य ताक़त और उनके आपसी तालमेल को परखने का एक बेहतरीन इंटरनेशनल प्लेटफ़ॉर्म है।
हाल ही में शुरू हुए इस अभ्यास का मेन फोकस संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों के तहत दुनिया भर में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों (Counter-Terrorism Operations) और सामरिक रणनीतियों को एक-दूसरे के साथ शेयर करना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान दोनों सेनाओं ने जॉइंट प्लानिंग, कॉम्बैट ट्रेनिंग और टैक्टिकल ड्रिल्स (Tactical Drills) का बहुत ही शानदार डेमो दिया है। यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच Interoperability को एक नए लेवल पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्य बातें (Key Highlights)
युद्धाभ्यास का उद्देश्य और सामरिक कार्यप्रणाली
‘शक्ति’ अभ्यास एक द्विवार्षिक (Biennial) हाई-लेवल ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जो बारी-बारी से कभी भारत तो कभी फ्रांस में आयोजित किया जाता है।
इस साल के अभ्यास में खास तौर पर अर्ध-शहरी (Semi-urban) और मुश्किल पहाड़ी इलाकों (Mountainous terrain) में कॉम्बैट ऑपरेशन्स पर सबसे ज़्यादा फोकस किया जा रहा है। दुश्मन को चकमा देने के लिए इसमें लेटेस्ट हथियारों, सर्विलांस सिस्टम और नई ड्रोन (Drones) तकनीक का भी ज़बरदस्त इस्तेमाल किया गया है।
भारत-फ्रांस की बढ़ती रक्षा और कूटनीतिक साझेदारी
आज के ग्लोबल सिनेरियो में देखें तो फ्रांस, भारत के सबसे भरोसेमंद और एडवांस रक्षा साझेदारों में से एक बन चुका है। हमारी वायुसेना में राफेल (Rafale) फाइटर जेट्स का शामिल होना और स्कॉर्पीन (Scorpene) क्लास की पनडुब्बियों का बनना, इस मज़बूत दोस्ती का सबसे बड़ा सुबूत है।
थल सेना के इस ‘शक्ति’ अभ्यास के अलावा, आपको याद रखना चाहिए कि भारत और फ्रांस की नौसेना ‘वरुण’ (Varuna) और वायु सेना ‘गरुड़’ (Garuda) नाम के बड़े जॉइंट अभ्यास भी रेगुलर बेसिस पर करती हैं।
Static GK Connect
- संबद्ध मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence, Govt of India)।
- फ्रांस (France): राजधानी पेरिस (Paris), मुद्रा यूरो (Euro)।
- प्रमुख भारतीय सैन्य अभ्यास:
- मित्र शक्ति: भारत-श्रीलंका
- गरुड़ शक्ति: भारत-इंडोनेशिया
- समुद्र शक्ति: भारत-इंडोनेशिया
Current Affairs MCQs
Q1. द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘शक्ति’ (Exercise Shakti) भारत और किस देश की थल सेना के बीच आयोजित किया जाता है?
a) रूस
b) फ्रांस ✅
c) ब्रिटेन
d) संयुक्त राज्य अमेरिका
Q2. भारत और फ्रांस की वायु सेनाओं (Air Forces) के बीच आयोजित होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास का क्या नाम है?
a) वरुण (Varuna)
b) वज्र प्रहार (Vajra Prahar)
c) गरुड़ (Garuda) ✅
d) सूर्य किरण (Surya किरण)
Q3. सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति’ भारत और किस पड़ोसी देश के बीच आयोजित किया जाता है?
a) नेपाल
b) बांग्लादेश
c) श्रीलंका ✅
d) म्यांमार