National Current Affairs

नीति आयोग ने लॉन्च किया ‘National Sub-National Governance Index’; सतत विकास लक्ष्यों में राज्यों की रैंकिंग जारी
अगर आप UPSC या State PCS की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको पता ही होगा कि गवर्नेंस (Governance) से जुड़े टॉपिक्स परीक्षा के लिए कितने जरूरी होते हैं।
आज के 25 May 2026 Current Affairs के तहत सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं पर नज़र डालें तो NITI Aayog की हालिया रिपोर्ट इस समय देश के प्रशासनिक और आर्थिक हलकों में खूब चर्चा बटोर रही है।
हाल ही में नीति आयोग ने राज्यों के बीच आपसी तालमेल और विकास की होड़ को बढ़ावा देने के लिए ‘National Sub-National Governance Index’ (NSGI) जारी किया है।
सीधे शब्दों में कहें तो यह Index यह देखता है कि हमारे अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में सरकारी नीतियां कागजों से निकलकर जमीन पर कितनी प्रभावी ढंग से लागू हो रही हैं। इसकी प्रामाणिक जानकारी PIB (Press Information Bureau) पर भी साझा की गई है।
मुख्य बातें (Key Highlights)
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य और मूल्यांकन के प्रमुख मानक
▪️ इस सूचकांक के तहत राज्यों को उनकी प्रशासनिक सूझबूझ, पैसों के सही मैनेजमेंट और बुनियादी सुविधाओं के विकास जैसे पैमानों पर परखा गया है।
फिलहाल जो रिपोर्ट सामने आई है, उसमें दक्षिण और पश्चिमी भारत के राज्यों ने बाजी मारी है। वहीं दूसरी तरफ, हमारे उत्तर-पूर्वी राज्यों ने Digital Governance को अपनाने के मामले में सबसे शानदार सुधार दिखाया है।
इस तरह की रैंकिंग से राज्यों के बीच आगे निकलने का एक हेल्दी कॉम्पिटिशन (Healthy Competition) शुरू होता है, जो पूरे देश के विकास के लिए बहुत ही अच्छा है।
सहकारी संघवाद और भविष्य के प्रशासनिक सुधार
▪️ नीति आयोग की इस बेहतरीन पहल का असली मकसद ‘Minimum Government, Maximum Governance’ के सपने को सच करना है। अब बड़ा सवाल यह है कि इससे जमीन पर क्या बदलाव आएगा?
दरअसल, इस डेटा-संचालित शासन (Data-driven Governance) प्रणाली की मदद से उन पिछड़े जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों की पहचान की जाएगी जहां स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है, ताकि वहां सुधार के लिए एक खास मास्टर प्लान बनाया जा सके।
Static GK Connect
- NITI Aayog (नीति आयोग): नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (National Institution for Transforming India) का गठन 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग (Planning Commission) की जगह पर किया गया था। यह भारत सरकार के लिए एक बेहतरीन थिंक-टैंक (Think-Tank) की तरह काम करता है और यह कोई संवैधानिक या वैधानिक संस्था नहीं है।
- पदेन अध्यक्ष (Ex-officio Chairman): देश के प्रधानमंत्री ही नीति आयोग के अध्यक्ष होते हैं। इसके अलावा इसकी शासी परिषद (Governing Council) में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल भी शामिल होते हैं।
Current Affairs MCQs
Q1. हाल ही में जारी ‘National Sub-National Governance Index’ निम्नलिखित में से किस संस्था द्वारा विकसित और लॉन्च किया गया है?
a) वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance)
b) नीति आयोग (NITI Aayog) ✅
c) सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
d) भारतीय रिजर्व बैंक
Q2. नीति आयोग (NITI Aayog) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नीति आयोग का गठन 1 जनवरी 2015 को किया गया था।
2. यह भारत सरकार का एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
a) केवल 1 ✅
b) केवल 2
c) 1 और 2 दोनों
d) न तो 1 और न ही 2
Q3. नीति आयोग की शासी परिषद (Governing Council) में निम्नलिखित में से कौन शामिल होते हैं?
a) केवल केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
b) सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल ✅
c) केवल केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक
d) भारत के मुख्य न्यायाधीश और राज्यों के राज्यपाल
Science & Technology Current Affairs

ISRO ने GSAT-32 संचार उपग्रह का किया सफल प्रक्षेपण; डिजिटल कनेक्टिविटी को मिलेगा अभूतपूर्व बढ़ावा
विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र से हमारे देश के लिए एक बार फिर बहुत ही गर्व की खबर आई है। आज की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष की दुनिया में अपना एक और परचम लहरा दिया है।
हाल ही में ISRO ने अपने सबसे नए और आधुनिक कम्युनिकेशन सैटेलाइट GSAT-32 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC), श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेज दिया है।
अब आप सोच रहे होंगे कि ISRO के इन आधुनिक मिशनों से आम लोगों को क्या फायदा होगा? दरअसल, इसका सीधा लक्ष्य जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हमारे उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे दूरदराज के इलाकों में High-Speed Internet और मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है।
मुख्य बातें (Key Highlights)
LVM3 लॉन्च व्हीकल का उपयोग और तकनीकी विशेषताएं
▪️ इसरो ने इस महत्वपूर्ण मिशन के लिए अपने सबसे ताकतवर और भरोसेमंद रॉकेट LVM3 (Launch Vehicle Mark 3) का शानदार इस्तेमाल किया है, जिसने सैटेलाइट को उसकी तय कक्षा (Geostationary Transfer Orbit) में बिल्कुल सटीक तरीके से पहुंचा दिया।
यह नया GSAT-32 सैटेलाइट आधुनिक Ka-band और Ku-band ट्रांसपोंडरों से लैस है। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले दिनों में हमारा टेलिकॉम नेटवर्क और आपदा प्रबंधन के समय काम आने वाला कम्यूनिकेशन सिस्टम पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगा।
डिजिटल इंडिया और सामरिक क्षेत्रों को सीधा लाभ
▪️ यह उपग्रह सिर्फ आम लोगों के फोन और इंटरनेट को ही बेहतर नहीं बनाएगा, बल्कि देश की सीमाओं पर तैनात हमारे सुरक्षा बलों के लिए भी सुरक्षित और Real-time Data Transfer को आसानी से मुमकिन करेगा।
इसके अलावा, गांवों तक ई-गवर्नेंस (E-Governance), डिजिटल पढ़ाई (Tele-education) और दूर बैठकर डॉक्टरों से सलाह लेने वाली टेली-मेडिसिन (Tele-medicine) सेवाओं को पहुंचाने में यह सैटेलाइट वास्तव में एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है।
Static GK Connect
- ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन): इसकी शुरुआत 15 अगस्त 1969 को हुई थी। यह सीधे तौर पर भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) की देखरेख में काम करता है और इसका हेडक्वार्टर बेंगलुरु (Karnataka) में स्थित है।
- अंतरिक्ष केंद्र: भारत में रॉकेट लॉन्च करने का मुख्य काम सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) से होता है, जबकि रॉकेट बनाने और तकनीक से जुड़े बड़े काम विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) तिरुवनंतपुरम (केरल) में किए जाते हैं।
Current Affairs MCQs
Q1. हाल ही में चर्चा में रहा ‘GSAT-32’ उपग्रह मुख्य रूप से किस श्रेणी से संबंधित है?
a) पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (Earth Observation Satellite)
b) नौवहन उपग्रह (Navigation Satellite)
c) संचार उपग्रह (Communication Satellite) ✅
d) खगोलीय अनुसंधान उपग्रह
Q2. ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) भारत सरकार के किस प्रशासनिक विभाग के अंतर्गत सीधे कार्य करता है?
a) विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
b) अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) ✅
c) पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
d) इलेक्ट्रॉनिक्स and सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
Q3. GSAT-32 संचार उपग्रह को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित करने के लिए ISRO द्वारा किस भारी लॉन्च व्हीकल (Launch Vehicle) का उपयोग किया गया है?
a) PSLV-C58
b) GSLV-Mk II
c) LVM3 ✅
d) SSLV-D3
Economy Current Affairs

RBI ने डिजिटल भुगतान सुरक्षा के लिए जारी किए नए दिशानिर्देश; ‘Cyber Security Resilience Framework’ हुआ सख्त
आजकल हम सब चाय की टपरी से लेकर बड़े मॉल तक हर जगह Online Payment का इस्तेमाल धड़ल्ले से कर रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल लेनदेन बढ़ा है, वैसे-वैसे ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा भी काफी तेजी से बढ़ गया है।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए, हमारे केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन बैंकिंग को सुरक्षित बनाने के लिए एक बहुत ही बड़ा फैसला लिया है।
हाल ही में RBI ने सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों के साथ-साथ NBFCs के लिए अपने ‘Cyber Security Resilience Framework’ के नियमों को काफी कड़ा कर दिया है।
अगर आप Banking Exams या SSC की तैयारी कर रहे हैं, तो RBI की नई मौद्रिक नीति और अर्थव्यवस्था पर पैनी नज़र रखना आपके लिए बहुत जरूरी है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट भी देखी जा सकती है।
मुख्य बातें (Key Highlights)
बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण और रीयल-टाइम फ्रॉड मॉनिटरिंग
▪️ नए नियमों के आने के बाद अब सभी बैंकों को अपने Digital Payment System में मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Multi-Factor Authentication) को और मजबूत करना होगा। इसका साफ मतलब है कि अब सिर्फ एक OTP या पासवर्ड के भरोसे लेनदेन नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा की कई परतें होंगी।
इसके अलावा, बैंकों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित ऐसा स्मार्ट सिस्टम लगाना जरूरी कर दिया गया है जो किसी भी संदिग्ध या बड़े लेनदेन को तुरंत भांप सके और फ्रॉड होने से पहले ही उसे रोक दे।
ग्राहकों की शिकायत निवारण और बैंकों की जवाबदेही
▪️ इस नए फ्रेमवर्क में सबसे अच्छी बात यह है कि आरबीआई ने अब ग्राहकों के हितों को सबसे ऊपर रखा है। अगर बैंक के सुरक्षा सिस्टम में किसी कमी की वजह से आपके साथ कोई Online Fraud होती है, तो बैंक को जल्द से जल्द आपके पैसे वापस करने होंगे।
इसके साथ ही हर बैंक को अपनी एक स्पेशल 24×7 साइबर रिस्पांस टीम (Cyber Response Team) बनानी होगी, जो डिजिटल अपराधों की शिकायतों पर तुरंत और सख्त एक्शन लेगी।
Static GK Connect
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI): हमारे देश के इस केंद्रीय बैंक की स्थापना भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 (RBI Act 1934) के तहत 1 अप्रैल 1935 को की गई थी। इसकी स्थापना हिल्टन यंग कमीशन (Hilton Young Commission) की सिफारिशों के आधार पर हुई थी।
- राष्ट्रीयकरण और मुख्यालय: शुरुआत में यह एक प्राइवेट बैंक था, लेकिन 1 जनवरी 1949 को इसका राष्ट्रीयकरण (Nationalization) कर दिया गया। इसका मुख्य कार्यालय देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में है।
Current Affairs MCQs
Q1. हाल ही में किस वित्तीय नियामक संस्था द्वारा वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए ‘Cyber Security Resilience Framework’ के कड़े नियम जारी किए गए हैं?
a) भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI)
b) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ✅
c) भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI)
d) भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI)
Q2. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्थापना निम्नलिखित में से किस अधिनियम के वैधानिक प्रावधानों के तहत की गई थी?
a) बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949
b) भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 ✅
c) भारतीय सिक्का अधिनियम, 1906
d) वित्तीय समावेशन अधिनियम, 1950
Q3. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्थापना किस आयोग/समिति की सिफारिशों के आधार पर की गई थी?
a) नरसिम्हन समिति
b) हिल्टन यंग कमीशन ✅
c) उर्जित पटेल समिति
d) नचिकेत मोर समिति
International & Environment Current Affairs

UNEP द्वारा ‘Global Plastics Treaty’ शिखर सम्मेलन का आयोजन; वैश्विक प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने पर बनी सहमति
पर्यावरण (Environment) एक ऐसा विषय है जिससे जुड़े सवाल लगभग हर सरकारी परीक्षा (Government Exams) में पूछे ही जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच से पर्यावरण को लेकर एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर आ रही है।
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की देखरेख में दुनिया को प्लास्टिक के कचरे से मुक्ति दिलाने के लिए ‘Global Plastics Treaty’ शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया है।
इस बेहद खास मीटिंग में भारत समेत दुनिया के 150 से ज्यादा देशों के बड़े अधिकारी और पर्यावरण एक्सपर्ट्स (Environment Experts) शामिल हुए।
इस ऐतिहासिक संधि का सीधा मकसद यह है कि दुनिया भर में Single-use Plastics के इस्तेमाल को हमेशा के लिए बंद किया जाए और रीसाइक्लिंग पर आधारित सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) मॉडल को तेजी से बढ़ावा दिया जाए।
मुख्य बातें (Key Highlights)
कानूनी रूप से बाध्यकारी संधि और वैश्विक लक्ष्य
▪️ इस मीटिंग में सभी देशों के बीच इस बात पर रजामंदी बनी है कि एक ऐसा कानूनन बाध्यकारी (Legally Binding) अंतरराष्ट्रीय नियम तैयार किया जाए, जो प्लास्टिक के बनने से लेकर उसके कचरे के निपटारे तक, हर स्टेज पर कड़ी नजर रखे।
इसके अलावा अमीर देशों से यह भी कहा गया है कि वे गरीब और विकासशील देशों की मदद के लिए एक ‘Green Technology Fund’ बनाएं, ताकि वो प्लास्टिक के सस्ते और सुरक्षित इको-फ्रेंडली विकल्प तलाश सकें। विस्तृत जानकारी संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) पर भी साझा की गई है।
भारत की प्रतिबद्धता और नीतिगत रुख
▪️ भारत ने भी इस बड़े मंच पर पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी। हमारे देश ने दुनिया को बताया कि कैसे भारत में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक (Single-use Plastic) पर पहले से ही बैन लगा हुआ है और ‘Extended Producer Responsibility’ (EPR) नियमों के जरिए कंपनियां खुद अपने कचरे को रीसायकल कर रही हैं।
इसके साथ ही, भारत ने पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली से जुड़े अपने मशहूर वैश्विक अभियान ‘LiFE’ (Lifestyle for Environment) के विचारों को भी इस अंतरराष्ट्रीय संधि का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
Static GK Connect
- UNEP (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम): इस प्रमुख संस्था का जन्म 5 जून 1972 को हुए ऐतिहासिक स्टॉकहोम सम्मेलन (Stockholm Conference) के दौरान हुआ था। यही मुख्य वजह है कि हम हर साल 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ (World Environment Day) मनाते हैं। इसका हेडक्वार्टर नैरोबी (केन्या) में है।
- भारत में पर्यावरण कानून: हमारे संविधान के अनुच्छेद 48A और 51A(g) में पर्यावरण की रक्षा की स्पष्ट बात कही गई है। इसी को ध्यान में रखकर देश में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 (Environment Protection Act) पास किया गया था।
Current Affairs MCQs
Q1. हाल ही में प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने के लिए ‘Global Plastics Treaty’ शिखर सम्मेलन का आयोजन किस अंतर्राष्ट्रीय संस्था के नेतृत्व में किया गया है?
a) विश्व प्रकृति कोष (WWF)
b) संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ✅
c) अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN)
d) ग्रीनपीस इंटरनेशनल
Q2. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का वैश्विक मुख्यालय निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित है?
a) जिनेवा, स्विट्जरलैंड
b) नैरोबी, केन्या ✅
c) पेरिस, फ्रांस
d) न्यूयॉर्क, यूएसए
Q3. प्रतिवर्ष ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ (World Environment Day) 5 जून को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की पृष्ठभूमि निम्नलिखित में से किस ऐतिहासिक सम्मेलन से जुड़ी है?
a) 1992 पृथ्वी शिखर सम्मेलन
b) 1972 स्टॉकहोम सम्मेलन ✅
c) 1997 क्योटो प्रोटोकॉल
d) 2015 पेरिस समझौता
Agreements & Defence Current Affairs

भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘VARUNA’ का नवीनतम संस्करण अरब सागर में प्रारंभ
डिफेंस एग्जाम्स (Defence Exams) जैसे NDA, CDS या फिर SSC की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मिलिट्री एक्सरसाइज (Military Exercise) का टॉपिक हमेशा से ही मोस्ट इंपोर्टेंट रहा है। अपनी समुद्री सीमाओं को सुरक्षित रखने और सामरिक ताकत बढ़ाने के सिलसिले में भारत ने एक और बड़ा कदम आगे बढ़ाया है।
हाल ही में भारतीय नौसेना (Indian Navy) और फ्रांस की नौसेना के बीच होने वाला सालाना समुद्री अभ्यास ‘VARUNA’ अरब सागर की लहरों पर शुरू हो चुका है।
हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में समुद्री डकैतों से निपटने, आपसी तालमेल को बेहतर करने और समुद्री सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियों का सामना करने के लिए दोनों देशों के जांबाज सैनिक मिलकर पसीना बहा रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Highlights)
अत्याधुनिक युद्धपोतों और पनडुब्बियों की भागीदारी
▪️ इस युद्धाभ्यास की विशालता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि भारत की तरफ से इसमें स्वदेशी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर (Guided-Missile Destroyer), आधुनिक युद्धपोत और P-8I समुद्री गश्ती विमान बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
वहीं फ्रांस की नौसेना अपने सबसे खतरनाक परमाणु ऊर्जा से चलने वाले सबमरीन (Nuclear Submarine) और फाइटर जेट्स से लैस विमानवाहक पोतों के साथ मैदान में उतरी है। इस तरह के अभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे की बेस्ट प्रैक्टिस से सीखने का सुनहरा मौका मिलता है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और साझा रणनीति
▪️ ‘वरुण’ (VARUNA) अभ्यास के इस नए एडिशन में मुख्य रूप से आसमान से होने वाले हमलों से बचने (Air Defence Exercises) और पानी के अंदर छिपी दुश्मन की पनडुब्बियों को ढूंढ निकालने जैसे कड़े मिशनों की लाइव प्रैक्टिस की जा रही है।
दोनों ही देश इस बात पर पूरी तरह सहमत दिखे कि हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों (International Maritime Laws) का पालन होना चाहिए ताकि बिना किसी रोक-टोक के स्वतंत्र रूप से समुद्री व्यापार चलता रहे। आप इस तरह के और अपडेट्स के लिए हमारी Daiy Current Affairs केटेगरी को विजिट कर सकते हैं।
Static GK Connect
- वरुण (VARUNA) अभ्यास: यह भारत और फ्रांस के बीच होने वाला एक प्रमुख द्विपक्षीय नौसैनिक युद्धाभ्यास (Naval Exercise) है। इसकी शुरुआत साल 1993 में हुई थी, लेकिन साल 2001 में इसे आधिकारिक तौर पर ‘वरुण’ नाम दिया गया था।
- अन्य अभ्यास: भारत और फ्रांस की सेनाएं आपस में दो और बड़े अभ्यास करती हैं—वायुसेना के बीच होने वाला ‘गरुड़’ (Garuda) अभ्यास और थलसेना के बीच होने वाला ‘शक्ति’ (Shakti) अभ्यास।
Current Affairs MCQs
Q1. हाल ही में भारत और किस देश की नौसेना के बीच द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘VARUNA’ का आयोजन अरब सागर में शुरू हुआ है?
a) ओमान
b) फ्रांस ✅
c) रूस
d) संयुक्त राज्य अमेरिका
Q2. भारत और फ्रांस के बीच आयोजित होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों के संबंध में कौन सा युग्म सही सुमेलित है?
1. वरुण (VARUNA) – नौसेना अभ्यास
2. गरुड़ (GARUDA) – वायु सेना अभ्यास
3. शक्ति (SHAKTI) – थल सेना अभ्यास
नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:
a) केवल 1 और 2
b) केवल 2 और 3
c) केवल 1 और 3
d) 1, 2 और 3 दोनों ✅
Q3. भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के बीच द्विपक्षीय समुद्री सहयोग अभ्यास की शुरुआत किस वर्ष की गई थी, जिसे बाद में 2001 में ‘वरुण’ नाम दिया गया?
a) 1993 ✅
b) 1999
c) 2005
d) 2011