🚀 (विज्ञान और प्रौद्योगिकी – Science & Technology)

📌 पाथफाइंडर (Pathfinder): अंतरिक्ष में भारत का अपना ‘सुपर ब्रेन’ और संप्रभु एआई
साथियों, क्या आपने कभी सोचा है कि अंतरिक्ष में उपग्रह केवल फोटो खींचने के अलावा और क्या कर सकते हैं?
हाल ही में, बेंगलुरु के एक होनहार स्टार्टअप ‘पिक्सल’ (Pixxel) ने कमाल कर दिया है। उन्होंने ‘सर्वम एआई’ (Sarvam AI) के साथ मिलकर भारत का पहला ऑर्बिटल डेटा सेंटर (Orbital Data Centre) उपग्रह ‘पाथफाइंडर’ बनाने का ऐलान किया है [1, 2]。
दरअसल, अभी तक के उपग्रह बहुत सारा डेटा इकट्ठा करते हैं और उसे जमीन पर भेजते हैं, जिसमें काफी समय और इंटरनेट बैंडविड्थ खर्च होती है [3, 4]。
लेकिन ‘पाथफाइंडर’ इस खेल को बदल देगा। यह डेटा को अंतरिक्ष में ही प्रोसेस करेगा, यानी यह एक तरह का ‘उड़ता हुआ दिमाग’ होगा जो सिर्फ काम की जानकारी ही नीचे भेजेगा [2, 5]。
⏬ मुख्य बातें (Key Highlights):
- अपनी संप्रभुता और अंतरिक्ष कंप्यूटिंग (Sovereign AI): यह मिशन भारत की खुद की एआई तकनीक यानी ‘संप्रभु एआई’ को मजबूत करेगा। सर्वम एआई का बनाया हुआ सिस्टम इस 200 किलो के उपग्रह के अंदर ही भाषा मॉडल चलाएगा।
- हमें अपने डेटा के लिए विदेशी क्लाउड कंपनियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा [2, 6]। इसे 2026 के आखिर तक लॉन्च करने की योजना है [2, 4]। इसमें डेटा सेंटर लेवल के तगड़े जीपीयू लगे होंगे।
- खेतों की बीमारी से लेकर आपदा प्रबंधन तक: इसमें पिक्सल का मशहूर हाइपरस्पेक्ट्रल कैमरा लगा होगा [2, 3]। इसका फायदा यह होगा कि अंतरिक्ष से ही यह पता लगाया जा सकेगा कि किस खेत में बीमारी लग रही है।
- अगर कहीं जंगल में आग लगती है, तो यह तुरंत जानकारी देगा, जिससे राहत कार्य जल्दी शुरू हो पाएंगे [2, 5]।
- सूरज की रोशनी और कुदरती ठंडक: पृथ्वी पर डेटा सेंटर बहुत जगह घेरते हैं और उन्हें ठंडा रखने के लिए बहुत बिजली चाहिए होती है। लेकिन अंतरिक्ष में सौर ऊर्जा की कोई कमी नहीं है।
- वहां की प्राकृतिक ठंडक इन मशीनों के लिए वरदान है [2, 4]। पिक्सल इसे अपनी नई फैक्ट्री ‘गीगापिक्सल’ (Gigapixxel) में बनाएगा [2, 5]।
| फीचर (Feature) | विवरण (Details) |
|---|---|
| उपग्रह का वजन (Weight) | 200 किलोग्राम [3] |
| मुख्य पार्टनर (Partner) | सर्वम एआई (Sarvam AI) [2] |
| खास तकनीक (Tech) | इन-ऑर्बिट एआई (In-orbit AI) [2, 4] |
| निर्माण स्थल (Factory) | गीगापिक्सल (Gigapixxel) [2] |
📚 Static GK Connect:
- Pixxel का इतिहास: यह बेंगलुरु का एक स्टार्टअप है जिसे 2019 में अवैस अहमद और क्षितिज खंडेलवाल ने शुरू किया था [2]। भारत के अंतरिक्ष मिशनों के बारे में अधिक जानकारी ISRO की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
- हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग: यह तकनीक रोशनी के अलग-अलग रंगों (स्पेक्ट्रम) को बारीकी से पहचानती है, जिससे किसी भी वस्तु की सटीक पहचान संभव होती है।
🎯 Current Affairs MCQ:
🤔 Q1. भारत के पहले एआई-संचालित ऑर्बिटल डेटा सेंटर उपग्रह ‘पाथफाइंडर’ के लिए पिक्सल ने किसके साथ हाथ मिलाया है?
a) इन्फोसिस (Infosys)
b) सर्वम एआई (Sarvam AI) ✅
c) गूगल स्पेस
d) टाटा टेक
🤔 Q2. पाथफाइंडर उपग्रह में ‘हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग’ का उपयोग मुख्य रूप से किस काम के लिए होगा?
a) उपग्रह को ठंडा रखने के लिए
b) पृथ्वी के डेटा को बारीकी से पहचानने के लिए ✅
c) उपग्रह की गति बढ़ाने के लिए
d) टीवी सिग्नल भेजने के लिए
🤔 Q3. पिक्सल अपनी किस विनिर्माण इकाई में पाथफाइंडर जैसे उपग्रहों का उत्पादन बड़े पैमाने पर करेगा?
a) मेगास्पेस
b) गीगापिक्सल (Gigapixxel) ✅
c) इसरो-हब
d) टेक-सिटी
⚖️ (न्यायपालिका – Judiciary)

📌 सिक्किम का गौरव: भारत का पहला पूर्णतः पेपरलेस राज्य न्यायपालिका
दोस्तों, न्याय मिलने में देरी का एक बड़ा कारण फाइलों का अंबार होता है। लेकिन हाल ही में सिक्किम ने इस समस्या का डिजिटल समाधान खोज लिया है।
सिक्किम अब भारत का पहला पूर्णतः पेपरलेस राज्य न्यायपालिका (Fully Paperless State Judiciary) बन गया है [7, 8]। हाल ही में गंगटोक में आयोजित एक बड़े सम्मेलन में भारत के मुख्य न्यायाधीश ने इसकी घोषणा की।
सिक्किम जैसे पहाड़ी राज्य के लिए यह बहुत बड़ी बात है, क्योंकि वहां ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम रास्तों की वजह से कोर्ट पहुंचना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है [9, 11]。
⏬ मुख्य बातें (Key Highlights):
- न्याय अब सिर्फ एक क्लिक दूर: पेपरलेस होने का मतलब है कि अब केस दर्ज करने (e-filing) से लेकर सुनवाई और फैसला सुनाने तक का सारा काम ऑनलाइन होगा [7, 12]।
- मुख्य न्यायाधीश ने साफ़ कहा कि तकनीक का काम जजों की मदद करना है, उनका स्थान लेना नहीं [9, 10]। इससे पेंडिंग केसों की संख्या कम होगी और काम में पारदर्शिता आएगी।
- एआई और ई-सेवा केंद्र: भारतीय अदालतों में अब SUPACE और SUVAS जैसे एआई टूल्स का उपयोग अनुवाद और रिसर्च के लिए हो रहा है [9, 12]।
- सिक्किम में उन लोगों के लिए खास ई-सेवा केंद्र बनाए गए हैं जिन्हें इंटरनेट चलाना नहीं आता [9, 11]। ताकि डिजिटल क्रांति में कोई पीछे न छूटे।
- पहाड़ों की दूरियां खत्म: पहले कोर्ट जाने के लिए लोगों को कई-कई दिनों तक सफर करना पड़ता था, लेकिन अब ‘डिजिटल राजमार्ग’ ने इस दूरी को खत्म कर दिया है [10, 11]।
- यह कदम ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को सच करने की दिशा में एक बड़ी जीत है [8, 10]।
| घटक (Component) | विवरण (Description) |
|---|---|
| घोषणा का स्थान (Venue) | गंगटोक, सिक्किम [10] |
| घोषणा किसने की? (Who) | न्यायमूर्ति सूर्य कांत, CJI [9] |
| महत्वपूर्ण पोर्टल (Portals) | NJDG और ई-फाइलिंग [7, 9] |
| एआई टूल (AI Tools) | SUVAS (अनुवाद) [12] |
📚 Static GK Connect:
- सिक्किम उच्च न्यायालय: इसकी स्थापना 1975 में हुई थी। यह भारत के सबसे कम जजों वाले उच्च न्यायालयों में से एक है।
- अनुच्छेद 371F: यह संविधान का वह विशेष अनुच्छेद है जो सिक्किम को विशेष अधिकार देता है [11]।
🎯 Current Affairs MCQ:
🤔 Q1. हाल ही में भारत के किस राज्य की न्यायपालिका को देश का पहला ‘पूर्णतः पेपरलेस’ सिस्टम घोषित किया गया है?
a) केरल
b) सिक्किम ✅
c) हिमाचल प्रदेश
d) गोवा
🤔 Q2. सिक्किम को पेपरलेस न्यायपालिका घोषित करने वाले वर्तमान मुख्य न्यायाधीश का नाम क्या है?
a) न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़
b) न्यायमूर्ति सूर्य कांत ✅
c) न्यायमूर्ति संजीव खन्ना
d) न्यायमूर्ति संजीव कुमार
🤔 Q3. भारतीय अदालतों में जजों की कानूनी रिसर्च और डेटा प्रोसेसिंग में मदद करने वाले एआई टूल का क्या नाम है?
a) SUPACE ✅
b) CHAT-GPT
c) NYAY-AI
d) JUDGE-BOT
🛂 (राष्ट्रीय नीति – National Policy)

📌 नागरिकता (संशोधन) नियम 2026: ई-ओसीआई (e-OCI) और बच्चों के लिए नए सख्त नियम
साथियों, हाल ही में भारत के गृह मंत्रालय (MHA) ने नागरिकता से जुड़े नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए हैं। 1 मई 2026 से नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 लागू हो गए हैं [7, 13]。
इसका मुख्य मकसद ओसीआई (OCI) कार्डधारकों के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है [14, 15]。
अब भारत ने ई-ओसीआई (e-OCI) की शुरुआत की है, जिससे अब कागजी फॉर्म भरने का झंझट खत्म हो जाएगा [14, 16]。
⏬ मुख्य बातें (Key Highlights):
- सब कुछ ऑनलाइन: अब ओसीआई पंजीकरण या उसे सरेंडर करने का सारा काम सिर्फ एक सरकारी पोर्टल पर होगा। अब आपको दस्तावेजों की दो-दो फोटोकॉपी जमा करने की जरूरत नहीं है।
- जो डिजिटल प्रमाण पत्र मिलेगा, उसे एयरपोर्ट पर बैठे अधिकारी तुरंत चेक कर पाएंगे [14]। इससे समय की भारी बचत होगी [14, 16]।
- नाबालिगों के लिए ‘एक पासपोर्ट’ का नियम: सरकार ने साफ़ कर दिया है कि कोई भी बच्चा जिसके पास भारतीय पासपोर्ट है, वह साथ में किसी दूसरे देश का पासपोर्ट नहीं रख सकता [13, 15]।
- अगर माता-पिता बच्चे के लिए भारतीय पासपोर्ट चाहते हैं, तो उन्हें दूसरे देश का पासपोर्ट छोड़ना होगा। याद रहे, ओसीआई कार्ड सिर्फ एक ‘आजीवन वीजा’ है, यह नागरिकता नहीं है।
- फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन (FTI): अब ओसीआई धारकों का बायोमेट्रिक डेटा लिया जाएगा ताकि उन्हें एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों में न लगना पड़े [13, 15, 17]।
- दिल्ली और मुंबई जैसे एयरपोर्ट्स पर वे ऑटोमैटिक गेट्स का उपयोग कर पाएंगे। अगर किसी ने गलत जानकारी दी, तो उसका कार्ड तुरंत रद्द कर दिया जाएगा [15, 18]।
📚 Static GK Connect:
- OCI क्या है? इसकी शुरुआत 2005 में हुई थी। यह भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारत में रहने और काम करने की अनुमति देता है।
- एकल नागरिकता: भारत में सिर्फ एक ही देश की नागरिकता रखी जा सकती है। यह नियम हमने ब्रिटेन के संविधान से लिया है।
🎯 Current Affairs MCQ:
🤔 Q1. नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 के अनुसार अब ओसीआई कार्ड का डिजिटल अवतार किस नाम से जाना जाएगा?
a) स्मार्ट-कार्ड
b) ई-ओसीआई (e-OCI) ✅
c) भारत-प्रवासी कार्ड
d) डिजिटल-वीजा
🤔 Q2. नए नियमों के मुताबिक, नाबालिग बच्चों के लिए कौन सा नियम अनिवार्य कर दिया गया है?
a) दोहरी नागरिकता
b) एकल पासपोर्ट नीति ✅
c) अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण
d) मुफ्त शिक्षा
🤔 Q3. ओसीआई आवेदन और डिजिटल पंजीकरण को संभालने वाला नोडल मंत्रालय कौन सा है?
a) विदेश मंत्रालय
b) गृह मंत्रालय ✅
c) कानून मंत्रालय
d) संचार मंत्रालय
🛣️ (अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचा – Economy & Infrastructure)

📌 पीएमजीएसवाई-IV (PMGSY-IV): ओडिशा के गांवों को मिली विकास की नई रफ्तार
हाल ही में, ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4 मई 2026 को ओडिशा के रायगढ़ जिले से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के चौथे चरण की शुरुआत की है।
इसका लक्ष्य उन छोटे गाँवों और पहाड़ी इलाकों को पक्की सड़कों से जोड़ना है जहाँ अभी तक पहुंचना मुश्किल था [20, 21]। ओडिशा के 8 जिलों को इस बार प्राथमिकता दी गई है [22, 23]。
⏬ मुख्य बातें (Key Highlights):
- हजारों करोड़ का निवेश: ओडिशा के लिए सरकार ने 1,700 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं [19, 22]। इससे लगभग 827 नई सड़कें बनाई जाएंगी, जिसकी कुल लंबाई 1,700 किलोमीटर से ज्यादा होगी।
- इसका खर्च केंद्र सरकार (60%) और राज्य सरकार (40%) मिलकर उठाएंगी [22, 24]।
- ‘मिशन पोवार’ (Mission POWAR) की शुरुआत: ओडिशा के मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ‘मिशन पोवार’ (Power, Water, Road) का ऐलान किया है [22, 23]।
- इसका मतलब है कि 50 से ज्यादा आबादी वाली बस्तियों में अब बिजली, पानी और सड़क पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा गरीबों के घरों के लिए भी 630 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास: बेहतर सड़कों का सबसे बड़ा फायदा उन इलाकों में होगा जो नक्सलवाद से प्रभावित हैं।
- वहां अब सुरक्षा बल आसानी से जा पाएंगे और गाँव वाले मुख्यधारा से जुड़ पाएंगे [7, 25]।
📚 Static GK Connect:
- PMGSY की शुरुआत: यह योजना 25 दिसंबर 2000 को अटल बिहारी वाजपेयी जी ने शुरू की थी।
- नोडल मंत्रालय: ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) इस योजना को संभालता है [24]।
🎯 Current Affairs MCQ:
🤔 Q1. हाल ही में ओडिशा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के किस नए चरण का उद्घाटन किया गया?
a) प्रथम चरण
b) तृतीय चरण
c) चतुर्थ चरण (Phase-IV) ✅
d) पंचम चरण
🤔 Q2. ओडिशा सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मिशन पोवार’ (Mission POWAR) का क्या अर्थ है?
a) खेल और शिक्षा
b) बिजली, पानी और सड़क ✅
c) महिला और बाल विकास
d) कृषि और सिंचाई
🤔 Q3. पीएमजीएसवाई-IV के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच खर्च का अनुपात क्या रखा गया है?
a) 50:50
b) 60:40 ✅
c) 90:10
d) 75:25
🎖️ (रक्षा – Defence)

📌 सिनबैक्स-II (CINBAX-II): भारत और कंबोडिया की दोस्ती का नया सैन्य अध्याय
साथियों, भारत और कंबोडिया के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए हाल ही में कंबोडिया में CINBAX-II 2026 सैन्य अभ्यास का दूसरा संस्करण शुरू हुआ है [1, 26]。
यह अभ्यास 4 मई से 17 मई तक चलेगा [27, 28, 29]। यह भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का एक हिस्सा है, जिसमें हम अपने पड़ोसी देशों के साथ मिलकर सुरक्षा चुनौतियों का सामना करते हैं [26, 28]。
⏬ मुख्य बातें (Key Highlights):
- मराठा लाइट इन्फैंट्री का दम: इस अभ्यास में भारत की ओर से मराठा लाइट इन्फैंट्री के 120 जवान शामिल हुए हैं [26, 28, 30]। कंबोडिया की सेना के भी 160 जवान इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
- यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र (UN) के चार्टर के तहत हो रहा है, जिसका मुख्य केंद्र आतंकवाद का खात्मा और शांति बनाए रखना है [28, 29, 30]।
- ड्रोन और स्नाइपर ट्रेनिंग: इसमें जवानों को ड्रोन चलाने, स्नाइपर के साथ निशाना लगाने और मोर्टार का उपयोग करने की खास ट्रेनिंग दी जा रही है [26, 29, 30]।
- दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे से युद्ध के नए तरीके सीख रही हैं [28, 29]।
📚 Static GK Connect:
- कंबोडिया: इसकी राजधानी नोम पेन्ह है और यह ‘आसियान’ (ASEAN) का एक महत्वपूर्ण सदस्य है।
- मराठा लाइट इन्फैंट्री: यह भारतीय सेना की सबसे पुरानी रेजिमेंटों में से एक है, जिसकी स्थापना 1768 में हुई थी।
🎯 Current Affairs MCQ:
🤔 Q1. भारत और कंबोडिया के बीच आयोजित होने वाले द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘सिनबैक्स’ (CINBAX-II 2026) का आयोजन कहाँ किया जा रहा है?
a) महाजन, राजस्थान
b) काम्पोंग स्पू, कंबोडिया ✅
c) पुणे, महाराष्ट्र
d) नोम पेन्ह, कंबोडिया
🤔 Q2. CINBAX-II 2026 सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की किस प्रमुख इन्फैंट्री रेजिमेंट ने भाग लिया है?
a) जाट रेजिमेंट
b) मराठा लाइट इन्फैंट्री ✅
c) कुमाऊं रेजिमेंट
d) बिहार रेजिमेंट
🤔 Q3. सैन्य अभ्यास सिनबैक्स (CINBAX) का आयोजन किस अंतरराष्ट्रीय निकाय के जनादेश (Mandate) के ढांचे के तहत किया जाता है?
a) नाटो (NATO)
b) संयुक्त राष्ट्र (UN) ✅
c) सार्क (SAARC)
d) ब्रिक्स (BRICS)
🏔️ (राष्ट्रीय सुरक्षा – Security)

📌 प्रोजेक्ट दीपक (Project Deepak): पहाड़ों में सुरक्षा की 66 साल पुरानी ‘दीवार’
सीमा सड़क संगठन (BRO) का सबसे पुराना प्रोजेक्ट, प्रोजेक्ट दीपक, हाल ही में 66 साल का हो गया है। 4 मई 2026 को शिमला में इसका स्थापना दिवस मनाया गया [31, 32]。
यह प्रोजेक्ट 1961 से हिमालय के ऊंचे पहाड़ों में सड़कें बना रहा है ताकि हमारे सैनिक सीमाओं पर मुस्तैदी से खड़े रह सकें [31, 32, 33]。
⏬ मुख्य बातें (Key Highlights):
- रणनीतिक सड़कों का जाल: यह प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश के शिमला और लाहौल-स्पीति जैसे इलाकों में काम करता है [31, 32]।
- चीन की सीमा के पास की सड़कों और ऐतिहासिक ‘हिंदुस्तान-तिब्बत रोड’ को बनाए रखने की जिम्मेदारी इसी की है [31, 32]।
- सैनिकों के साथ-साथ आम जनता के लिए भी वरदान: जब भी पहाड़ों में कोई आपदा आती है, ‘प्रोजेक्ट दीपक’ की टीमें लोगों को बचाने में सबसे आगे रहती हैं।
- चाहे चंद्रताल से लोगों को निकालना हो या बारालाचाला दर्रे पर फंसे मुसाफिरों को बचाना, इन्होंने हमेशा दिलेरी दिखाई है [31, 32]।
📚 Static GK Connect:
- BRO: इसकी स्थापना 1960 में जवाहरलाल नेहरू जी ने की थी। यह रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है।
🎯 Current Affairs MCQ:
🤔 Q1. बीआरओ (BRO) के ‘प्रोजेक्ट दीपक’ (Project Deepak) ने 4 मई 2026 को अपना कौन सा स्थापना दिवस मनाया?
a) 50वां
b) 60वां
c) 66वां ✅
d) 75वां
🤔 Q2. प्रोजेक्ट दीपक मुख्य रूप से भारत के किस राज्य में सड़क निर्माण और रणनीतिक बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए जिम्मेदार है?
a) लद्दाख
b) हिमाचल प्रदेश ✅
c) उत्तराखंड
d) सिक्किम
🤔 Q3. प्रोजेक्ट दीपक द्वारा रखरखाव किया जाने वाला कौन सा मार्ग ‘मनाली’ को ‘लेह’ से जोड़ता है और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है?
a) मनाली-लेह अक्ष ✅
b) श्रीनगर-लेह अक्ष
c) सिंकु ला मार्ग
d) रोहतांग सुरंग मार्ग
🎨 (शिक्षा और कौशल – Education & Skills)

📌 रचनात्मक क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय एआई कौशल: 15,000 युवाओं की चमकेगी किस्मत
साथियों, जो लोग एनीमेशन, गेमिंग या डिजिटल कहानी सुनाने के शौकीन हैं, उनके लिए सरकार एक सुनहरा मौका लेकर आई है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने हाल ही में गूगल और यूट्यूब के साथ मिलकर एक एआई कौशल कार्यक्रम (AI Skilling Programme) शुरू किया है [33, 34]। इसके तहत 15,000 बच्चों को स्कॉलरशिप दी जाएगी [34, 35]。
⏬ मुख्य बातें (Key Highlights):
- गूगल और यूट्यूब की साझेदारी: इसमें युवाओं को ‘जनरेटिव एआई’ (Generative AI) जैसे आधुनिक टूल्स सिखाए जाएंगे [34, 36]। ट्रेनिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से होगी।
- पहले फेज में 15,000 लोगों को 33 घंटे की बुनियादी ट्रेनिंग दी जाएगी [34, 36, 37]।
- डिजिटल इकोनॉमी में भारत बनेगा नंबर 1: मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इसका उद्देश्य भारत को पूरी दुनिया का रचनात्मक केंद्र (Creative Hub) बनाना है [35, 37]।
- इससे एनीमेशन और गेमिंग सेक्टर में लाखों नौकरियां पैदा होंगी।
🎯 Current Affairs MCQ:
🤔 Q1. सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा हाल ही में शुरू किए गए राष्ट्रीय एआई कौशल कार्यक्रम के तहत कितनी छात्रवृत्तियां देने की घोषणा की गई है?
a) 5,000
b) 10,000
c) 15,000 ✅
d) 25,000
🤔 Q2. इस एआई कौशल कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए सरकार का प्रमुख तकनीकी भागीदार कौन है?
a) माइक्रोसॉफ्ट
b) गूगल और यूट्यूब ✅
c) अमेज़न
d) मेटा (Meta)
🤔 Q3. रचनात्मक क्षेत्र में एआई प्रशिक्षण के लिए किस संस्थान को कार्यान्वयन भागीदार (Implementation Partner) बनाया गया है?
a) आईआईटी दिल्ली
b) आईआईसीटी (IICT) ✅
c) एनआईडी (NID)
d) एफटीआईआई (FTII)
निष्कर्ष (Conclusion):
आज हमने देखा कि कैसे भारत तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। चाहे वह अंतरिक्ष में पाथफाइंडर हो या पहाड़ों में डिजिटल न्याय, भारत का भविष्य उज्जवल है।
लगातार अपडेट्स और अपनी तैयारी को और मजबूत करने के लिए हमारे Daily Current Affairs सेक्शन को नियमित रूप से विजिट करें।
साथियों, इन सभी पॉइंट्स को अपनी कॉपी में नोट जरूर करें, क्योंकि आने वाले एग्जाम्स में यहाँ से सवाल पक्का आएंगे! पढ़ाई को बोझ नहीं, अपनी ताकत बनाइये। धन्यवाद!