Reasoning MCQ Question In Hindi
Reasoning questions सिर्फ एक परीक्षा का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ये हमारे दैनिक जीवन में निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाते हैं. चाहे आप कोई Entrance या Competitive Exam जैसे UPSC CSE, IIT-JEE, NEET, NDA, CAT दे रहे हों या फिर किसी नौकरी के लिए इंटरव्यू, रीजनिंग आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. कैसे आप अपनी रीजनिंग क्षमता को बेहतर बना सकते हैं. MCQ के जरिये जानिए कि कैसे रीजनिंग आपके करियर ग्रोथ में मदद कर सकती है।

एक व्यक्ति पश्चिम की ओर चला, वह दाएँ मुड़ा, फिर दाएँ मुड़ा और अंत में बाईं ओर मुड़ा, अब वह किस दिशा की ओर चल रहा है?
दिशा परीक्षण के इस प्रश्न को हल करने के लिए हमें सबसे पहले चार मुख्य दिशाओं—उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम—का ज्ञान होना आवश्यक है। मान लीजिए व्यक्ति बिंदु ‘A’ से चलना शुरू करता है। वह सबसे पहले ‘पश्चिम’ दिशा की ओर चलता है। जब कोई व्यक्ति पश्चिम की ओर जा रहा हो और वह ‘दाएँ’ मुड़ता है, तो उसकी नई दिशा ‘उत्तर’ हो जाती है। इसके बाद, वह पुनः ‘दाएँ’ मुड़ता है। उत्तर दिशा से दाएँ मुड़ने का अर्थ है कि वह अब ‘पूर्व’ (East) दिशा की ओर जा रहा है। प्रश्न के अंतिम चरण में, वह ‘बाईं’ ओर मुड़ता है। पूर्व दिशा की ओर जाते समय जब कोई व्यक्ति अपने बाईं ओर मुड़ता है, तो वह पुनः ‘उत्तर’ दिशा की ओर उन्मुख हो जाता है।
इस प्रकार, क्रमिक मोड़ों (दायाँ + दायाँ + बायाँ) का पालन करने के बाद, व्यक्ति का अंतिम मुख उत्तर दिशा की ओर होगा। तार्किक रूप से देखें तो एक दायाँ मोड़ और एक बायाँ मोड़ एक-दूसरे के प्रभाव को निरस्त कर देते हैं, जिससे दिशा वही रहती है। यहाँ दो बार दाएँ और एक बार बाएँ मुड़ने का प्रभावी परिणाम केवल एक बार ‘दाएँ’ मुड़ना है। पश्चिम से एक बार दाएँ मुड़ने पर उत्तर दिशा प्राप्त होती है।
यदि GECA का अर्थ 8642 हो, तो HFBD का अर्थ क्या होगा?
यह कोडिंग-डिकोडिंग का प्रश्न है जो अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों के स्थान और उनके आंकिक मानों पर आधारित है। सबसे पहले ‘GECA’ और ‘8642’ के बीच के संबंध को समझते हैं। वर्णमाला में G का स्थान 7, E का 5, C का 3 और A का 1 होता है। यदि हम इन प्रत्येक मान में ‘+1’ जोड़ दें, तो हमें प्राप्त होगा: 7+1=8, 5+1=6, 3+1=4, और 1+1=2। इस प्रकार GECA बन जाता है 8642।
अब इसी तर्क (Logic) का उपयोग ‘HFBD’ के लिए करते हैं। वर्णमाला क्रम में H का स्थान 8, F का 6, B का 2 और D का 4 होता है। नियम के अनुसार, प्रत्येक संख्या में ‘+1’ जोड़ने पर हमें प्राप्त होगा: 8+1=9, 6+1=7, 2+1=3, और 4+1=5। इन अंकों को क्रमानुसार रखने पर हमें संख्या ‘9735’ प्राप्त होती है। इस प्रकार की कोडिंग में अक्षरों के वास्तविक मानों में एक निश्चित संख्या जोड़ी या घटाई जाती है। यहाँ ‘प्रत्येक अक्षर का स्थान + 1’ का सूत्र लागू हो रहा है, जो बहुत ही सरल और स्पष्ट तार्किक संबंध स्थापित करता है।
यदि किसी महीने की 2 तारीख रविवार को पड़ती है तो उसी महीने की 31 तारीख को कौन-सा दिन होगा?
कैलेंडर से संबंधित प्रश्नों में ‘अतिरिक्त दिनों’ (Odd Days) की गणना महत्वपूर्ण होती है। यहाँ हमें 2 तारीख से 31 तारीख के बीच के दिनों की गणना करनी है। कुल दिनों का अंतर है: 31 – 2 = 29 दिन। हम जानते हैं कि प्रत्येक 7 दिन के बाद वही दिन दोहराया जाता है। अतः 29 दिनों में कितने सप्ताह और कितने अतिरिक्त दिन हैं, यह जानने के लिए हम 29 को 7 से विभाजित करते हैं: 29 ÷ 7 = 4 सप्ताह और शेषफल 1 बचता है।
यह शेषफल ‘1’ ही अतिरिक्त दिन है। अब, चूंकि 2 तारीख को ‘रविवार’ था, तो 31 तारीख का दिन ज्ञात करने के लिए हमें रविवार में 1 दिन जोड़ना होगा। रविवार + 1 दिन = ‘सोमवार’। वैकल्पिक रूप से देखें तो 2, 9, 16, 23 और 30 तारीख को भी रविवार ही होगा। यदि 30 तारीख को रविवार है, तो स्वाभाविक रूप से अगली तारीख यानी 31 को सोमवार होगा। यह विधि छोटे अंतराल के लिए बहुत प्रभावी होती है और गणना में सटीकता सुनिश्चित करती है।
अधिवर्ष को छोड़कर यदि किसी साल का पहला दिन शुक्रवार था, तो उस साल का आखिरी दिन क्या था?
सामान्य वर्ष (Non-leap year) और अधिवर्ष (Leap year) की संरचना में एक मौलिक अंतर होता है जो दिनों की गणना को प्रभावित करता है। एक सामान्य वर्ष में कुल 365 दिन होते हैं। जब हम 365 को 7 से विभाजित करते हैं, तो हमें 52 सप्ताह और ‘1’ अतिरिक्त दिन प्राप्त होता है (365 ÷ 7 = 52 सप्ताह, शेष 1)। कैलेंडर के नियमों के अनुसार, किसी भी सामान्य वर्ष का पहला दिन (1 जनवरी) और अंतिम दिन (31 दिसंबर) हमेशा समान होते हैं।
इसका कारण यह है कि 52 सप्ताह पूर्ण होने पर वही दिन वापस आता है, लेकिन 365वें दिन के रूप में केवल एक ही दिन बचता है। यदि 1 जनवरी को शुक्रवार है, तो 364वाँ दिन गुरुवार होगा और 365वाँ दिन पुनः शुक्रवार ही होगा। इसके विपरीत, यदि यह लीप वर्ष होता (जिसमें 366 दिन होते हैं), तो साल का आखिरी दिन पहले दिन से एक दिन आगे (यानी शनिवार) होता। चूँकि प्रश्न में स्पष्ट रूप से ‘अधिवर्ष को छोड़कर’ यानी सामान्य वर्ष की बात की गई है, इसलिए साल का पहला और आखिरी दिन दोनों ही ‘शुक्रवार’ होंगे।
एक आदमी ने अपनी बेटी का विवाह अपनी मामी के बेटे से कर दिया दामाद पहले उस आदमी को क्या कह कर बताते थे?
रक्त संबंध (Blood Relation) के इस प्रश्न में रिश्तों के उलझाव को समझना आवश्यक है। प्रश्न के केंद्र में वह ‘आदमी’ है जिसने अपनी बेटी का विवाह किया। उसने अपनी बेटी की शादी किससे की? अपनी ‘मामी के बेटे’ से। अब हम इस आदमी और उस लड़के (मामी के बेटे) के बीच के प्रत्यक्ष संबंध का विश्लेषण करते हैं। उस आदमी की मामी का बेटा, रिश्ते में उस आदमी का ‘ममेरा भाई’ (Maternal Cousin Brother) लगेगा।
विवाह से पहले, वे दोनों आपस में भाई-भाई थे। भले ही एक व्यक्ति दूसरे से उम्र में छोटा या बड़ा हो सकता है, लेकिन पारिवारिक संरचना में वे एक ही पीढ़ी के सदस्य और चचेरे/ममेरे भाई के रूप में जुड़े थे। इसलिए, दामाद बनने से पहले वह लड़का उस आदमी को ‘भाई’ कहकर संबोधित करता होगा। भारतीय पारिवारिक परिवेश में यह रिश्ता बहुत स्पष्ट है। विवाह के पश्चात रिश्ते बदल जाते हैं और वह ‘ससुर-दामाद’ के रिश्ते में बंध जाते हैं, लेकिन प्रश्न ‘पहले’ के संबोधन के बारे में है, अतः सही उत्तर ‘भाई’ ही होगा।
400 वर्षों में कुल कितनें दिन होते हैं?
400 वर्षों में दिनों की कुल संख्या की गणना के लिए हमें सामान्य वर्ष और लीप वर्षों का सटीक ज्ञान होना चाहिए। एक सामान्य वर्ष में 365 दिन होते हैं। अतः 400 वर्षों के लिए आधार गणना होगी: 400 × 365 = 1,46,000 दिन। अब हमें इसमें लीप वर्षों के अतिरिक्त दिनों को जोड़ना होगा। सामान्यतः हर चौथा वर्ष लीप वर्ष होता है, तो 400 वर्षों में 100 लीप वर्ष होने चाहिए। परंतु, कैलेंडर नियम के अनुसार, शताब्दी वर्ष (जैसे 100, 200, 300) लीप वर्ष तभी होते हैं जब वे 400 से विभाज्य हों।
इसलिए, इन 400 वर्षों में केवल 97 लीप वर्ष होते हैं (100 नहीं, क्योंकि 100वाँ, 200वाँ और 300वाँ वर्ष लीप वर्ष नहीं हैं, जबकि 400वाँ वर्ष लीप वर्ष है)। प्रत्येक लीप वर्ष में एक अतिरिक्त दिन (29 फरवरी) होता है। अतः हम कुल आधार दिनों में 97 दिन और जोड़ेंगे: 1,46,000 + 97 = 1,46,097 दिन। यह ग्रेगोरियन कैलेंडर की एक मानक गणना है जिसका उपयोग दीर्घकालिक समय गणनाओं में किया जाता है।
यदि किसी वर्ष में, जोकि लीप वर्ष नहीं है, 28 फरवरी को सोमवार है, तो आगामी 2 जनवरी को कौन-सा दिन होगा?
इस प्रश्न में हमें 28 फरवरी से अगले वर्ष की 2 जनवरी तक के दिनों की गणना करनी है। चूंकि यह लीप वर्ष नहीं है, फरवरी 28 की ही होगी। चलिए मार्च से दिसंबर तक के कुल दिनों के अतिरिक्त दिन (Odd Days) निकालते हैं: मार्च (3), अप्रैल (2), मई (3), जून (2), जुलाई (3), अगस्त (3), सितंबर (2), अक्टूबर (3), नवंबर (2), दिसंबर (3)। इन सबका योग: 3+2+3+2+3+3+2+3+2+3 = 26 अतिरिक्त दिन।
अब हमें अगले वर्ष की 2 जनवरी तक जाना है, तो 2 दिन और जोड़ेंगे: 26 + 2 = 28 दिन। कुल अतिरिक्त दिनों को 7 से विभाजित करने पर: 28 ÷ 7 = 4 सप्ताह और शेषफल ‘0’ बचता है। शून्य शेषफल का अर्थ है कि वही दिन वापस आएगा। चूंकि 28 फरवरी को सोमवार था, तो 28 दिन के बाद आने वाला दिन भी सोमवार ही होगा। अतः आगामी 2 जनवरी को ‘सोमवार’ का दिन होगा। यह गणना दर्शाती है कि एक सामान्य वर्ष में कुछ तिथियां और महीने एक निश्चित पैटर्न का पालन करते हैं जहाँ अंतराल पूर्णतः 7 से विभाज्य होता है।
यदि बीते कल से पहला दिन बुधवार था, तो रविवार कब होगा?
समय की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए ‘आज’ (Today) को संदर्भ बिंदु मानना सबसे आसान तरीका है। प्रश्न कहता है: “बीते कल से पहला दिन बुधवार था”। इसका अर्थ है: परसों (बीता हुआ) = बुधवार, बीता हुआ कल = गुरुवार, और आज = शुक्रवार।
अब हमें यह पता लगाना है कि ‘रविवार’ कब होगा। यदि आज ‘शुक्रवार’ है, तो: आने वाला कल = शनिवार और आने वाला परसों = रविवार। अतः, यदि आज शुक्रवार है, तो रविवार ‘आने वाले परसों’ (Day after tomorrow) को पड़ेगा। तार्किक रूप से, बुधवार से रविवार तक पहुँचने के लिए हमें 4 दिन आगे बढ़ना होगा। ‘बीते कल से पहले दिन’ से 4 दिन आगे बढ़ने पर हम ‘आने वाले कल के बाद के दिन’ यानी परसों पर पहुँचते हैं। यह प्रश्न छात्रों की वर्तमान, भूत और भविष्य के बीच मानसिक तालमेल बिठाने की क्षमता का परीक्षण करता है।
एक जन्मदिन पार्टी में, 5 मित्र एक पंक्ति में बैठे हैं। M बाई और है O के और दाई और है P के S बैठा है दाई और T के किन्तु बाई और P के बीच में कौन बैठा है?
बैठक व्यवस्था (Seating Arrangement) के इस प्रश्न को चरणबद्ध तरीके से हल करते हैं। पहली जानकारी: M, O के बाईं ओर और P के दाईं ओर है। इससे क्रम बनता है: P – M – O। दूसरी जानकारी: S, T के दाईं ओर है लेकिन P के बाईं ओर है। इससे क्रम बनता है: T – S – P।
अब इन दोनों सूचनाओं को आपस में जोड़ते हैं। चूंकि P पहली जानकारी में बाईं ओर था और दूसरी जानकारी में दाईं ओर का केंद्र है, तो संयोजन इस प्रकार होगा: T — S — P — M — O। अब इस पंक्ति को देखें, इसमें कुल 5 व्यक्ति हैं। यदि हम बीच वाले स्थान (तीसरे स्थान) को देखें, तो वहां ‘P’ बैठा है। P के बाईं ओर दो व्यक्ति (T और S) हैं और दाईं ओर भी दो व्यक्ति (M और O) हैं। अतः, मध्य में बैठने वाला व्यक्ति ‘P’ है। इस प्रकार के प्रश्नों में एक-एक जानकारी को छोटे-छोटे खंडों में लिखकर अंत में जोड़ने से उत्तर बिल्कुल सटीक प्राप्त होता है।
पवन सिर के सहारे उल्टा खड़ा है यदि उसका दांया हाथ पूर्व दिशा में हो तो उसका मुख किस दिशा में है?
योगासन या शिरसासन की स्थिति में दिशाओं का निर्धारण सामान्य स्थिति से थोड़ा भिन्न होता है। सबसे पहले सामान्य स्थिति (सीधे खड़े होने पर) की कल्पना करें। यदि एक व्यक्ति का मुख ‘उत्तर’ की ओर है, तो उसका दायाँ हाथ ‘पूर्व’ की ओर होता है। लेकिन जब व्यक्ति ‘उल्टा’ (सिर नीचे, पैर ऊपर) खड़ा होता है, तो उसकी दिशाएँ बदल जाती हैं लेकिन हाथों की सापेक्ष स्थिति विपरीत हो जाती है।
यदि पवन उल्टा खड़ा है और उसका दायाँ हाथ ‘पूर्व’ में है, तो इसे समझने के लिए मान लें कि वह सीधा खड़ा होता और उसका दायाँ हाथ पूर्व में होता, तो मुख उत्तर में होता। पर चूँकि वह उल्टा है, तो उसके शरीर का धड़ 180 डिग्री घूम गया है। ऐसी स्थिति में, यदि उसका दायाँ हाथ पूर्व की ओर स्थिर है, तो उसका मुख उत्तर के ठीक विपरीत यानी ‘दक्षिण’ (South) दिशा की ओर होगा। इसे आप इस तरह भी समझ सकते हैं कि उलटे खड़े होने पर यदि आप अपना मुख उत्तर से दक्षिण की ओर कर लें, तभी आपका दायाँ हाथ पूर्व की ओर आ पाएगा। अतः सही उत्तर दक्षिण होगी।

यदि परसों मंगलवार था, तो अगले कल के बाद का दिन होगा?
कैलेंडर और समय चक्र से संबंधित इस प्रश्न को हल करने के लिए हमें सबसे पहले ‘आज’ को निर्धारित करना होगा। प्रश्न के अनुसार, ‘परसों’ (बीता हुआ) मंगलवार था। यदि बीता हुआ परसों मंगलवार था, तो ‘आज’ का दिन गुरुवार (Thursday) है। समय की गणना में ‘आज’ को आधार मानना सबसे सुरक्षित तरीका है।
अब प्रश्न के दूसरे भाग के अनुसार “अगले कल के बाद का दिन” क्या होगा? ‘अगले कल’ का अर्थ है शुक्रवार। शुक्रवार के ठीक ‘बाद का दिन’ शनिवार (Saturday) होगा। तार्किक रूप से देखें तो बीते हुए परसों से लेकर अगले कल के बाद के दिन के बीच कुल 4 दिनों का अंतर है। यदि हम मंगलवार में 4 दिन जोड़ते हैं, तो हमें शनिवार प्राप्त होता है। यह प्रश्न छात्रों की मानसिक गणना और समय की सापेक्षता को समझने की क्षमता को परखता है।
प्रतिमाशाली : बुध्दिमान :: सृजनात्मक : ?
यह प्रश्न ‘सादृश्यता’ (Analogy) पर आधारित है। ‘प्रतिभाशाली’ और ‘बुद्धिमान’ के बीच का संबंध समानार्थी गुणों को दर्शाता है। एक प्रतिभाशाली व्यक्ति अनिवार्य रूप से बुद्धिमान होता है। ठीक इसी प्रकार, हमें ‘सृजनात्मक’ (Creative) शब्द के लिए एक ऐसा गुण खोजना है जो उसकी प्रकृति को व्यक्त करता हो।
सृजनात्मकता का सीधा संबंध नवीनता और कल्पनाशीलता से होता है। विकल्प ‘कलात्मक’ (Artistic) यहाँ सबसे उपयुक्त है क्योंकि कला की जड़ें सृजनात्मकता में होती हैं। जबकि ‘सुस्त’ और ‘साधारण’ इसके विपरीत अर्थ रखते हैं। जैसे बुद्धिमानी प्रतिभा का आधार है, वैसे ही कलात्मक सोच सृजनात्मकता का आधार है। अतः, तार्किक रूप से ‘कलात्मक’ ही सही विकल्प है जो इस मानसिक संबंध को पूर्ण करता है।
राकेश, नितिन से लम्बा है, किन्तु भरत जितना लम्बा नहीं है, लोकेश, राकेश से छोटा है, किन्तु गौरव से लम्बा है, इनमें सबसे लम्बा कौन है?
तुलनात्मक व्यवस्था के इस प्रश्न को हल करने के लिए हम दी गई जानकारी को एक श्रृंखला में व्यवस्थित करते हैं। पहली जानकारी के अनुसार: भरत > राकेश > नितिन। दूसरी जानकारी के अनुसार: राकेश > लोकेश > गौरव।
अब इन दोनों को मिलाने पर पूर्ण क्रम बनता है: भरत > राकेश > लोकेश/नितिन > गौरव। इस पूरी श्रृंखला में ‘भरत’ का स्थान सबसे ऊपर है क्योंकि उससे लम्बा कोई और व्यक्ति प्रश्न में वर्णित नहीं है। इस प्रकार की पहेलियों में पदानुक्रम की सीमा तय करना आवश्यक है। राकेश नितिन और लोकेश से तो लम्बा है, लेकिन वह भरत से छोटा है, इसलिए भरत ही सबसे लम्बा व्यक्ति सिद्ध होता है।
रमेश और सुरेश भाई-भाई हैं, राखी और गीता आपस में बहनें हैं, रमेश का लड़का गीता का भाई है, बताइए सुरेश और राखी का आपस में क्या संबंध हुआ?
रमेश और सुरेश सगे भाई हैं। राखी और गीता बहनें हैं। प्रश्न के अनुसार, “रमेश का लड़का, गीता का भाई है।” इसका अर्थ है कि गीता, रमेश की बेटी है। चूंकि राखी और गीता आपस में बहनें हैं, इसलिए राखी भी रमेश की ही बेटी हुई।
अब, सुरेश रमेश का भाई है और राखी रमेश की बेटी है। पिता का भाई रिश्ते में ‘चाचा’ (Uncle) कहलाता है। इस प्रकार, सुरेश राखी का ‘चाचा’ है। भारतीय पारिवारिक संरचना में पिता के भाई को चाचा या ताऊ कहा जाता है, और चूंकि विकल्पों में ‘चाचा’ मौजूद है, यही सबसे सटीक उत्तर है। यह प्रश्न रिश्तों के स्थानांतरण को समझने की क्षमता का परीक्षण करता है।
प्रतिदिन प्रातः गोल गुंबज की परछांई बारा कमान के ऊपर पड़ती है और सांय को बारा कमान की परछाई ठीक गोल गुंबज पर पडती है | तो गोल गुंबज बारा कमान से किस दिशा में है?
प्रातः काल सूर्य ‘पूर्व’ में उदित होता है, अतः परछाई ‘पश्चिम’ दिशा की ओर गिरेगी। यदि गोल गुंबज की परछाई बारा कमान पर पड़ती है, तो इसका अर्थ है कि बारा कमान, गोल गुंबज के पश्चिम में स्थित है।
शाम को सूर्य ‘पश्चिम’ में होता है, जिससे परछाई ‘पूर्व’ की ओर बनती है। शाम को बारा कमान की परछाई गोल गुंबज पर पड़ती है, जो पुष्टि करता है कि गोल गुंबज बारा कमान के पूर्व में है। प्रश्न पूछा गया है कि “गोल गुंबज, बारा कमान से किस दिशा में है?”। चूंकि बारा कमान पश्चिम में है, उसके संदर्भ में गोल गुंबज ‘पूर्व’ दिशा में स्थित होगा।
यदि उत्तर को उत्तर – पूर्व कहा जाये, दक्षिण को दक्षिण -पश्चिम कहा जाये तो पूर्व को क्या कहा जायेगा?
दिशा परिवर्तन के इन प्रश्नों में हमें रोटेशन (डिग्री) देखना होता है। वास्तविक दिशाओं में ‘उत्तर’ के बाद 45 डिग्री घड़ी की दिशा (Clockwise) में घूमने पर ‘उत्तर-पूर्व’ आता है। यहाँ दिशाओं को 45 डिग्री क्लॉकवाइज घुमा दिया गया है।
अब यही नियम हम ‘पूर्व’ दिशा पर लागू करेंगे। वास्तविक पूर्व दिशा से जब हम 45 डिग्री घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में मुड़ते हैं, तो हमें ‘दक्षिण-पूर्व’ (South-East) दिशा प्राप्त होती है। इस प्रकार के प्रश्नों में विस्थापन का अनुपात सभी दिशाओं के लिए समान रहता है। अतः पूर्व का परिवर्तित नाम दक्षिण-पूर्व होगा।
A की माँ की बहन के पुत्र की बहन A की कौन होगी?
इस रिश्ते को चरणबद्ध तरीके से समझते हैं: A की माँ की बहन ‘मौसी’ कहलाती है। मौसी का पुत्र ‘मौसेरा भाई’ होता है। मौसेरे भाई की बहन स्वयं मौसी की ही पुत्री होगी।
इस प्रकार, वह स्त्री A की ‘मौसेरी बहन’ (Maternal Cousin Sister) लगेगी। रक्त संबंधों में माँ के पक्ष के रिश्तों को समझने के लिए यह एक सरल उदाहरण है। चूंकि वह सहोदर (सगी) बहन नहीं है बल्कि मौसी की बेटी है, इसलिए ‘मौसेरी बहन’ ही सबसे उपयुक्त विकल्प है।
निम्नलिखित में से विषम शब्द चुनिए?
यह वर्गीकरण का प्रश्न है। महीनों के समूह में भिन्नता अक्सर ‘दिनों की संख्या’ के आधार पर जांची जाती है। जनवरी, जुलाई और अगस्त इन तीनों महीनों में 31 दिन होते हैं।
इसके विपरीत, ‘जून’ में केवल 30 दिन होते हैं। चूंकि जून को छोड़कर बाकी सभी विकल्पों में दिनों की संख्या समान (31) है, इसलिए जून इस समूह का विषम शब्द है। प्रतियोगी परीक्षाओं में महीनों के दिनों की संख्या याद रखना इस प्रकार के प्रश्नों को हल करने के लिए अनिवार्य है।
यदि 15 फरवरी , 2000 को रविवार था, तो 15 जनवरी, 2013 को कौन-सा दिन होगा?
15 फरवरी 2000 से 15 फरवरी 2013 के बीच 13 वर्ष और 4 लीप दिन (2000, 2004, 2008, 2012) आते हैं। कुल अतिरिक्त दिन = 13 + 4 = 17 दिन। 17 को 7 से भाग देने पर शेषफल ‘3’ आता है। अतः 15 फरवरी 2013 को रविवार + 3 = ‘बुधवार’ होगा।
अब 15 फरवरी 2013 से पीछे 15 जनवरी 2013 पर जाने के लिए 31 दिन पीछे हटना होगा। 31 को 7 से भाग देने पर शेषफल ‘3’ आता है। बुधवार में से 3 दिन घटाने पर (बुधवार – 3) हमें पुनः ‘रविवार’ प्राप्त होता है। अतः 15 जनवरी 2013 को रविवार का दिन होगा।
नौ दिन पहले मोहिनी सिनेमा देखने गई, वह केवल बृहस्पतिवार को ही सिनेमा देखने जाती है, आज सप्ताह का कौन-सा दिन है?
मोहिनी 9 दिन पहले सिनेमा देखने गई थी और वह केवल ‘बृहस्पतिवार’ को ही जाती है। इसका अर्थ है कि 9 दिन पहले बृहस्पतिवार था। आज का दिन निकालने के लिए हमें बृहस्पतिवार में 9 दिन जोड़ने होंगे।
9 दिनों में 1 सप्ताह (7 दिन) और 2 अतिरिक्त दिन होते हैं। चूंकि 7 दिन बाद पुनः बृहस्पतिवार ही आएगा, तो उसमें 2 दिन और जोड़ने पर: बृहस्पतिवार + 1 (शुक्रवार), बृहस्पतिवार + 2 (शनिवार) प्राप्त होगा। अतः आज का दिन ‘शनिवार’ है।
आपका अगला कदम:
📚 यदि आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इस पोस्ट को बुकमार्क करें!
🔗 अन्य रोचक विषय पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट विजिट करें।
✍️ कमेंट में बताइए कि आपको यह जानकारी कैसी लगी!